चीन में जींद की बेटी का जलवा: पहलवान प्रिया मलिक ने एशियन बीच गेम्स में जीता गोल्ड मेडल
May 01, 2026 3:15 PM
हरियाणा। विदेशी सरजमीं पर भारतीय कुश्ती का दबदबा कायम रखते हुए जींद की बेटी प्रिया मलिक ने अपनी तकनीक और जज्बे का लोहा मनवाया है। चीन में संपन्न हुए 6वें एशियन बीच गेम्स के 70 किलोग्राम भारवर्ग में प्रिया ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाए रखा। फाइनल मुकाबले में उनका सामना मंगोलिया की मजबूत पहलवान से था। कड़े संघर्ष और दांव-पेंच के बीच प्रिया ने 3-2 के करीबी अंतर से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पदक तालिका में भारत का मान बढ़ाने वाली प्रिया ने अपनी इस जीत का श्रेय कड़ी मेहनत और अपने गुरुओं के मार्गदर्शन को दिया है।
निडानी के खेल स्कूल से 'गोल्डन गर्ल' तक का सफर
प्रिया मलिक जींद के निडानी स्थित ‘भाई सुरेंद्र सिंह मलिक मेमोरियल गर्ल्स खेल स्कूल’ में कुश्ती की बारीकियां सीख रही हैं। उनकी इस उपलब्धि पर संस्थान के संरक्षक और हरियाणा के पूर्व डीजीपी डॉ. महेंद्र सिंह मलिक ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रिया ने अपनी प्रतिभा से पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने बताया कि प्रिया जब वापस लौटेंगी, तो खेल संस्था द्वारा उनका भव्य स्वागत और विशेष सम्मान किया जाएगा। डॉ. मलिक के अनुसार, ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना यह दर्शाता है कि सही प्रशिक्षण मिले तो हमारी बेटियां किसी भी बाधा को पार कर सकती हैं।
उभरते खिलाड़ियों के लिए बनीं 'रोल मॉडल'
प्रिया की सफलता केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सैकड़ों लड़कियों के सपनों को नई उड़ान देने वाली है जो खेल मैदान में पसीना बहा रही हैं। संस्था के खेल निदेशक सुखबीर सिंह ने कहा कि प्रिया आज अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं और कोचिंग दी जा रही है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
जश्न का माहौल
प्रिया मलिक की जीत की खबर जैसे ही उनके गृह जनपद जींद पहुंची, खेल प्रेमियों और परिजनों में जश्न का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर भी 'हरियाणा की बेटी' को बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि प्रिया जैसी उभरती पहलवानों का यह प्रदर्शन आने वाले ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए भारत की मजबूत दावेदारी का संकेत है।