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आम के शौकीनों के लिए जरूरी खबर: असली दशहरी की 5 पहचान

May 03, 2026 12:13 PM

हरियाणा के करनाल, कुरुक्षेत्र और आसपास के इलाकों में आम का सीजन शुरू होते ही मंडियों में दशहरी की भरमार नजर आ रही है। लेकिन बाजार में हर पीला आम दशहरी नहीं होता। कई जगहों पर दूसरे किस्म के आमों को दशहरी बताकर बेचा जा रहा है, जिससे खरीदारों को नुकसान हो रहा है।

उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद से आने वाला दशहरी आम अपनी खास मिठास और खुशबू के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि इसकी मांग ज्यादा रहती है और इसी का फायदा उठाकर मिलावटी या दूसरी किस्म के आम भी उसी नाम पर बेचे जाते हैं।

आकार और बनावट से पहचानें असली दशहरी

असली दशहरी आम का आकार लंबा और पतला होता है। यह बहुत ज्यादा गोल नहीं होता और नीचे की तरफ हल्का नुकीला या मुड़ा हुआ दिखता है, जिसे स्थानीय लोग ‘ठुड्डी’ कहते हैं। अगर आम ज्यादा गोल या भारी दिख रहा है, तो वह दूसरी किस्म हो सकता है।

रंग से खुलती है सच्चाई

दशहरी आम कच्चा होने पर गहरा हरा होता है और पकने पर हल्का पीला या हरापन लिए पीला दिखाई देता है। अगर आम बहुत ज्यादा गहरा पीला या केसरिया दिखे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसे रसायनों से पकाया गया है या वह असली दशहरी नहीं है।

खुशबू ही असली पहचान

असली दशहरी आम की खुशबू दूर से ही महसूस हो जाती है। इसमें एक मीठी और तेज सुगंध होती है। अगर आम से किसी तरह की रसायनिक या अजीब गंध आए, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।

गूदा और गुठली में छिपा राज

दशहरी आम का गूदा पूरी तरह रेशारहित होता है। इसे काटते ही मुलायम और चिकना गूदा नजर आता है। इसकी गुठली पतली और चपटी होती है, जिससे इसमें गूदे की मात्रा ज्यादा निकलती है। यही कारण है कि यह खाने में ज्यादा भरपूर लगता है।

स्वाद से करें आखिरी पुष्टि

दशहरी आम का स्वाद बेहद मीठा और गाढ़ा होता है। इसमें खटास लगभग नहीं होती और इसका स्वाद लंबे समय तक जुबान पर बना रहता है। अगर आम में ज्यादा खटास या फीका स्वाद है, तो वह असली दशहरी नहीं हो सकता।

इन बातों का रखें खास ध्यान

बाजार में कलमी आम अक्सर दशहरी जैसे दिखते हैं, लेकिन उनमें रेशे ज्यादा होते हैं और स्वाद में वह गहराई नहीं होती। असली दशहरी का सीजन आमतौर पर जून के मध्य से जुलाई के अंत तक रहता है। इसी समय खरीदा गया आम असली होने की संभावना ज्यादा होती है।

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