हरियाणा CET ग्रुप-C अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर: 11 मई से शुरू होगी बायोमेट्रिक, एडमिट कार्ड आउट
May 08, 2026 11:47 AM
हरियाणा। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने सीईटी ग्रुप-C भर्ती प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग ने उन अभ्यर्थियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन का शेड्यूल जारी कर दिया है, जिनकी वेरिफिकेशन परीक्षा के दौरान तकनीकी या अन्य कारणों से पूरी नहीं हो पाई थी। एचएसएससी के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया आगामी 11 मई 2026 से शुरू होने जा रही है।
6 दिनों का शेड्यूल जारी, बाकी को करना होगा इंतजार
अध्यक्ष हिम्मत सिंह के मुताबिक, फिलहाल पहले चरण में 6 दिनों का विस्तृत शेड्यूल तैयार किया गया है और संबंधित अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। जिन अभ्यर्थियों के नाम इस सूची में नहीं हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है; आयोग उनके लिए दूसरे चरण का शेड्यूल और एडमिट कार्ड बाद में जारी करेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्रेडेंशियल का उपयोग कर सीईटी पोर्टल पर लॉग-इन करें और अपना नया एडमिट कार्ड तुरंत डाउनलोड कर लें, क्योंकि इसी में उनके अलॉटेड स्लॉट और सेंटर की जानकारी दी गई है।
डिजिटल माध्यम से सीधे अभ्यर्थियों तक पहुंच रहा आयोग
सूचना के आदान-प्रदान में पारदर्शिता बरतते हुए आयोग इस बार अभ्यर्थियों को ईमेल के जरिए भी व्यक्तिगत रूप से सूचित कर रहा है। इतना ही नहीं, अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर अपने आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल का लिंक भी साझा किया है, ताकि भर्ती से जुड़ी कोई भी नवीन सूचना अभ्यर्थियों से मिस न हो। आयोग का प्रयास है कि इस बार सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली या देरी की गुंजाइश न रहे।
वेरिफिकेशन केंद्र पर इन बातों का रखें खास ख्याल
बायोमेट्रिक के लिए पहुंचने वाले उम्मीदवारों को अपने साथ नया एडमिट कार्ड और एक सत्यापित फोटो पहचान पत्र (जैसे वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या [Aadhaar Redacted]) साथ लाना अनिवार्य होगा। एडमिट कार्ड में रिपोर्टिंग का समय और सत्यापन स्थल स्पष्ट रूप से अंकित है, इसलिए उम्मीदवारों को तय समय पर ही पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। जांच अधिकारी बायोमेट्रिक कैप्चरिंग के दौरान उम्मीदवार की पहचान की गहनता से तफ्तीश करेंगे, ताकि भविष्य में जॉइनिंग के वक्त कोई कानूनी अड़चन पैदा न हो।