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साबरमती-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन अब 30 जून तक चलेगी: रेवाड़ी, गुरुग्राम और जयपुर के यात्रियों की हुई बल्ले-बल्ले

Apr 03, 2026 2:08 PM

हरियाणा। भीषण गर्मी और स्कूलों की छुट्टियों के चलते रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने साबरमती-हरिद्वार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे न केवल धार्मिक यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा, बल्कि गुजरात और उत्तराखंड के बीच पर्यटन के लिए निकलने वाले परिवारों की राह भी आसान हो जाएगी। यह ट्रेन अब जून के अंत तक अपनी सेवाएं देगी, जिससे पीक सीजन में यात्रियों को मारामारी से निजात मिल सकेगी।

क्या रहेगा समय और शेड्यूल?

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, गाड़ी संख्या 09425 (साबरमती-हरिद्वार) अब 29 जून तक प्रत्येक सोमवार को साबरमती से रात 09:35 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 07:10 बजे जयपुर, 09:47 बजे अलवर और 11:35 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी, जहां से होते हुए रात 08:40 बजे हरिद्वार पहुंचेगी।

इसी तरह वापसी में गाड़ी संख्या 09426 (हरिद्वार-साबरमती) 30 जून तक प्रत्येक मंगलवार को हरिद्वार से रात 09:30 बजे रवाना होगी। वापसी के सफर में यह ट्रेन तड़के 04:00 बजे दिल्ली, 05:03 बजे गुरुग्राम और 06:35 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। रेवाड़ी से अलवर और जयपुर होते हुए यह ट्रेन अगले दिन रात 10:30 बजे साबरमती (गुजरात) पहुंचेगी।

इन शहरों के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

यह ट्रेन अपने लंबे सफर के दौरान उत्तर भारत और पश्चिम भारत के कई महत्वपूर्ण व्यापारिक व पर्यटन केंद्रों को जोड़ती है। बीच रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं में रुड़की, मुजफ्फरनगर, मेरठ सिटी, गाजियाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, बांदीकुई, जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, ब्यावर, मारवाड़, आबूरोड और मेहसाना जैसे स्टेशनों पर ठहरेगी। इन ठहरावों की वजह से दक्षिण हरियाणा और राजस्थान के शेखावाटी इलाके के यात्रियों को दिल्ली या जयपुर जाकर ट्रेन बदलने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।

वेटिंग लिस्ट का झंझट खत्म, कंफर्म टिकट की उम्मीद

अमित सुदर्शन ने बताया कि गर्मी के मौसम में उत्तराखंड की ठंडी वादियों और गुजरात के धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वालों की तादाद अचानक बढ़ जाती है। नियमित ट्रेनों में महीनों पहले ही सीटें फुल हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को तत्काल या वेटिंग लिस्ट के भरोसे रहना पड़ता है। इस साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ने से यात्रियों के पास एक अतिरिक्त और मजबूत विकल्प मौजूद रहेगा। रेलवे का मानना है कि इस कदम से नियमित गाड़ियों पर दबाव कम होगा और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाएगी।

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