दुष्यंत चौटाला का बड़ा आरोप: GJU मामले की FIR गायब, पुलिस के 'गुप्त' खेल पर उठाए सवाल
Apr 23, 2026 10:18 AM
हिसार। हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में हुए हालिया घटनाक्रम ने अब एक बड़े सियासी और कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस मामले में पुलिस प्रशासन और प्रदेश सरकार की मंशा पर सीधा हमला बोला है। चौटाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हरियाणा पुलिस के 'हरसमय' पोर्टल का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उनके और उनके साथियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को जानबूझकर छिपाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
पूर्व डिप्टी सीएम ने अपनी पोस्ट में कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर दिखनी चाहिए। लेकिन इस मामले में 6 दिन बीतने के बाद भी 'नो रिकॉर्ड फाउंड' का मैसेज आ रहा है। उन्होंने तीखा सवाल किया कि जब पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई कि रातों-रात गिरफ्तारियां कर ली गईं, तो फिर उसी एफआईआर को सार्वजनिक करने में हाथ-पांव क्यों फूल रहे हैं? दुष्यंत ने इसे उनके कानूनी अधिकारों का हनन करार दिया है।
"कानूनी बचाव के रास्ते बंद करने की साजिश"
जेजेपी नेता का दावा है कि न तो एफआईआर ऑनलाइन अपलोड की गई है और न ही औपचारिक प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उसकी कॉपी मुहैया कराई जा रही है। चौटाला ने अंदेशा जताया है कि यह सब उन्हें और उनके समर्थकों को कानूनी बचाव (Legal Defense) से रोकने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या पुलिस किसी खास राजनीतिक स्क्रिप्ट पर काम कर रही है, जिसके चलते एफआईआर को एक 'गुप्त दस्तावेज' बना दिया गया है?
क्या है पूरा विवाद?
बता दें कि हिसार स्थित जीजेयू यूनिवर्सिटी में पिछले दिनों हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने दुष्यंत चौटाला और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इस मामले में कई समर्थकों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया था। अब दुष्यंत चौटाला ने पुलिस के ही ऑनलाइन रिकॉर्ड्स को हथियार बनाकर सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर पुलिसिया कार्रवाई बनाम सियासी रंजिश की बहस छिड़ गई है।