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GJU हिसार में बवाल: तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले के मामले में 6 गिरफ्तार, वीसी दफ्तर पर हुआ था हमला

Apr 17, 2026 2:18 PM

हिसार। हिसार का प्रतिष्ठित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय कल उस वक्त जंग के मैदान में तब्दील हो गया, जब सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित किए गए एक कार्यक्रम को जबरन करने की कोशिश की गई। इस पूरे घटनाक्रम में सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने के मामले में हिसार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना शहर हिसार की टीम ने हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर यह साफ कर दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मनाही के बाद भी कूच, गेट नंबर-3 पर टूटा सब्र का बांध

पूरा विवाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 'छात्र संवाद' कार्यक्रम की अनुमति न देने से शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने पिछले अनुभवों और संभावित तनाव को देखते हुए इस आयोजन पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद, शहर की यादव धर्मशाला में करीब 250-260 लोग इकट्ठा हुए और दोपहर होते-होते उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर मार्च शुरू कर दिया। गेट नंबर-3 पर जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने न केवल बैरिकेडिंग को दरकिनार किया, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ सीधे तौर पर धक्का-मुक्की की।

वीसी कार्यालय पर हमला: दहशत में डूबा परिसर

सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसी भीड़ सीधे कुलपति (VC) कार्यालय तक जा पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के तेवर इतने तीखे थे कि उन्होंने दफ्तर के गेट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस अचानक हुए हमले से कैंपस में पढ़ रहे आम छात्रों और स्टाफ के बीच दहशत फैल गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सख्त रुख अपनाया और अब मामले में आपराधिक अतिचार, दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस कप्तान की चेतावनी: "बख्शे नहीं जाएंगे साजिशकर्ता"

हिसार के पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो लोग छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी पहचान की जा रही है। गिरफ्तार किए गए 6 युवकों से पुलिस फिलहाल रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे हंगामे की प्लानिंग किसने की थी। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और चेहरे स्पष्ट होते ही अन्य दोषियों को भी जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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