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GJU हिसार में भारी हंगामा: दिग्विजय चौटाला की मौजूदगी में वीसी ऑफिस का घेराव, पुलिस से भिड़े छात्र

Apr 16, 2026 5:06 PM

हिसार। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में आज पढ़ाई की जगह नारों की गूँज सुनाई दी। जेजेपी के युवा विंग द्वारा आयोजित किए जाने वाले छात्र सम्मेलन को कुलपति प्रो. नरसीराम बिश्नोई द्वारा अनुमति न दिए जाने के फैसले ने यूनिवर्सिटी कैंपस में बारूद का काम किया। देखते ही देखते शांतिपूर्ण कैंपस विरोध प्रदर्शन के अखाड़े में बदल गया और दिग्विजय चौटाला की मौजूदगी में छात्रों ने कुलपति कार्यालय के सामने मोर्चा खोल दिया।

धर्मशाला से वीसी ऑफिस तक 'मार्च'

विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब प्रशासन ने कैंपस के भीतर राजनीतिक गतिविधि का हवाला देते हुए सम्मेलन पर रोक लगा दी। इसके बाद कार्यक्रम को पास की यादव धर्मशाला में शिफ्ट करना पड़ा। वहां मौजूद छात्रों में जोश भरते हुए दिग्विजय चौटाला ने दो टूक कहा कि विश्वविद्यालय किसी की निजी जागीर नहीं है। उन्होंने वीसी के फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सीधा वीसी ऑफिस घेरने का आह्वान कर दिया। इसके बाद सैकड़ों की तादाद में छात्र और कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन की ओर कूच कर गए।

पिछली गली से निकले कुलपति, गेट पर मची अफरा-तफरी

जैसे ही प्रदर्शनकारी वीसी ऑफिस के मुख्य गेट पर पहुंचे, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। गुस्साए छात्रों ने जब अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ उनकी जमकर धक्का-मुक्की हुई। माहौल उस वक्त और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया जब यह खबर आई कि प्रदर्शनकारियों को देखते हुए कुलपति पिछले गेट से निकल गए हैं। इस पर दिग्विजय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, "जब कुलपति अपने ही छात्रों के सवालों का जवाब देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे और चोर रास्तों से भाग रहे हैं, तो उन्हें कुर्सी पर बने रहने का कोई हक नहीं है।"

महिला पुलिस की तैनाती पर छिड़ा नया विवाद

प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की बड़ी संख्या में तैनाती पर भी दिग्विजय चौटाला ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कों के प्रदर्शन में महिला पुलिस को ढाल की तरह इस्तेमाल करना प्रशासन की कायरता है। उन्होंने वीसी ऑफिस की सीढ़ियों पर ही डेरा डाल दिया और ऐलान किया कि यदि 27 तारीख तक छात्रसंघ चुनाव की बहाली, हॉस्टल सुविधाओं में सुधार और फीस कटौती जैसी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।

फिलहाल, यूनिवर्सिटी कैंपस में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की तैनाती है। प्रशासन इस मामले पर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहा है, लेकिन छात्रों के इस उग्र रुख ने आने वाले दिनों में एक बड़ी सियासी और प्रशासनिक खींचतान के संकेत दे दिए हैं।

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