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Punjab News: जालंधर में बिजली कटों के खिलाफ अकाली दल का जोरदार प्रदर्शन, पुतला फूंक कर दफ्तर के बाहर सरकार के खिलाफ लगाए नारे

Apr 30, 2026 2:03 PM

जालंधर: पंजाब के जालंधर में भीषण गर्मी के बीच लगातार लग रहे लंबे बिजली कटों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने गुरुवार को बूटा मंडी क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन किया। जालंधर कैंट से अकाली दल के मुख्य सेवादार हरजाप सिंह संघा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता XEN दफ्तर के बाहर एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

बूटा मंडी में प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बिजली कटों के खिलाफ नाराजगी जताई और राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। हरजाप सिंह संघा ने कहा कि सरकार केवल जुमलेबाजी में माहिर है और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि एक ओर 300 यूनिट मुफ्त बिजली का प्रचार किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर लोगों को घंटों बिजली नहीं मिल रही।

भीषण गर्मी में आम लोगों की बढ़ी परेशानी

संघा ने बताया कि बिजली कटों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी के इस मौसम में बिजली की अनुपलब्धता ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

किसान और उद्योग पर भी पड़ा असर

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि बिजली संकट का असर केवल घरों तक सीमित नहीं है। किसान पहले से ही विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं और अब सिंचाई के लिए बिजली की कमी ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। औद्योगिक क्षेत्र में भी फैक्ट्रियां बिजली कटों के कारण जनरेटर पर निर्भर हो गई हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

सरकार के मरम्मत वाले तर्क पर सवाल

बिजली मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाए गए, जिसमें ग्रिड मरम्मत को कटों की वजह बताया गया था। संघा ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि सरकार ने अचानक मरम्मत पूरी होने का दावा कर नोटिफिकेशन वापस ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नीतियों में पारदर्शिता नहीं रख रही और जनता को गुमराह कर रही है।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को भी संदेश दिया कि वे जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दें। अकाली दल ने स्पष्ट किया कि यदि बिजली की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो पूरे पंजाब में इसी तरह के प्रदर्शन जारी रहेंगे। पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ने पर इसे और व्यापक बनाया जाएगा।

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