Search

वांगचुक रासुक रद्द होने के बाद लद्दाख लौटे, हिरासत में लिए गए लोगों को राहत देने की मांग

Mar 23, 2026 9:33 AM

लेह/जम्मू: जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत रद्द किये जाने के बाद रविवार को लद्दाख लौटने पर कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने साथ ही सभी हितधारकों के बीच रचनात्मक बातचीत की उम्मीद जताई। वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में ‘बहुत कुछ गलत हुआ’। उन्होंने कहा कि अब ध्यान पिछली गलतियों को सुधारने पर होना चाहिए न कि उन पर अटके रहने पर। जलवायु कार्यकर्ता ने लद्दाख आंदोलन के संबंध में अब भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे लोगों को राहत देने का आह्वान किया। लेह के कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर रविवार को वांगचुक का भव्य स्वागत किया गया। 

लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए। उन्हें हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत लगभग छह महीने की हिरासत के बाद रिहा किया गया था। वांगचुक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक नया कदम उठाया गया है, और हम इसे सकारात्मक रूप में देख रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इसे हार या जीत के रूप में देखते हैं, हम इसे उस तरह से नहीं देखना चाहते।’’ उन्होंने कहा कि इस स्थिति को जीत या हार के रूप में नहीं बल्कि आपसी सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

वांगचुक ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष अधिक खुलेपन से प्रतिक्रिया देंगे ताकि विश्वास कायम हो सके और लंबित चिंताओं का समाधान हो सके। जलवायु कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘अगर वे वहां एक कदम उठाते हैं, तो हम यहां दो कदम उठाएंगे। अगर हम दो कदम उठाते हैं, तो वे चार कदम उठाएंगे। यही हमारी सभी संबंधित पक्षों से अपेक्षा है।’’ उन्होंने लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवाद और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने के अपने आह्वान को दोहराया। वांगचुक लद्दाख को संविधान की छठी सूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!