Search

19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू, जानें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त और नौ दिन की पूजा

Mar 11, 2026 3:45 PM

ज्योतिष| सनातन परंपरा में चैत्र नवरात्रि को वर्ष की पहली बड़ी धार्मिक शुरुआत माना जाता है। इस साल 19 मार्च 2026, गुरुवार से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि की शुरुआत होगी। इसी दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ भी माना जाता है और देशभर में मंदिरों से लेकर घरों तक घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू हो जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा करते हैं। श्रद्धालु व्रत रखते हैं, दुर्गा चालीसा और मंत्रों का पाठ करते हैं और घरों में कलश स्थापना कर देवी का आह्वान करते हैं।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना से होती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। 19 मार्च 2026 को घट स्थापना का शुभ समय सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

मान्यता है कि इसी समय विधि-विधान से कलश स्थापित करने पर पूरे नौ दिन की पूजा का फल मिलता है। घरों में जौ बोने, अखंड ज्योति जलाने और मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर के सामने पूजा करने की परंपरा निभाई जाती है।

गुरुवार से शुरुआत, माता का डोली पर आगमन

धार्मिक परंपरा के अनुसार नवरात्रि किस दिन शुरू हो रही है, इससे माता के आगमन का वाहन तय माना जाता है। इस बार नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रही है, इसलिए माता डोली यानी पालकी पर सवार होकर आने की मान्यता है।

मान्यताओं के अनुसार जब नवरात्रि रविवार या सोमवार से शुरू होती है तो माता हाथी पर आती हैं। वहीं शनिवार या मंगलवार को शुरुआत होने पर घोड़े पर आगमन माना जाता है। गुरुवार और शुक्रवार से आरंभ होने पर माता डोली पर विराजमान मानी जाती हैं।

नौ दिनों में इन स्वरूपों की होगी पूजा

चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की अलग-अलग दिन पूजा की जाती है। हर दिन का अपना विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है।

19 मार्च 2026 – मां शैलपुत्री

20 मार्च 2026 – मां ब्रह्मचारिणी

21 मार्च 2026 – मां चंद्रघंटा

22 मार्च 2026 – मां कूष्मांडा

23 मार्च 2026 – मां स्कंदमाता

24 मार्च 2026 – मां कात्यायनी

25 मार्च 2026 – मां कालरात्रि

26 मार्च 2026 – मां महागौरी

27 मार्च 2026 – मां सिद्धिदात्री

नौ दिन की पूजा का क्या महत्व

नवरात्रि के दौरान भक्त उपवास रखते हैं और रोजाना मां दुर्गा की आराधना करते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।

धार्मिक मान्यता है कि इन नौ दिनों में श्रद्धा के साथ दुर्गा चालीसा और मंत्रों का पाठ करने से देवी की कृपा मिलती है। कई लोग अपने घरों में कन्या पूजन भी करते हैं, जो नवरात्रि के अंतिम दिनों में विशेष रूप से किया जाता है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!