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रंग पंचमी आज: जानिए क्यों खास है यह पर्व और कैसे करें राधा-कृष्ण की पूजा

Mar 08, 2026 4:08 PM

ज्योतिष | सनातन धर्म में रंग पंचमी को बेहद पवित्र पर्व माना जाता है। यह त्योहार हर साल चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आकर भक्तों के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं।

ब्रज क्षेत्र में होली का उत्सव करीब 40 दिनों तक चलता है और रंग पंचमी के साथ इसका समापन माना जाता है। इसलिए इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

क्यों खास माना जाता है यह पर्व

धार्मिक परंपराओं के अनुसार रंग पंचमी का दिन देवताओं को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से रंग खेलना और पूजा करना शुभ फल देता है।

कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है। यही वजह है कि कई श्रद्धालु इस दिन विशेष पूजा करते हैं।

इस विधि से करें राधा-कृष्ण की पूजा

रंग पंचमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद साफ और पवित्र वस्त्र पहनकर पूजा की तैयारी की जाती है।

एक लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर राधा-कृष्ण की तस्वीर या मूर्ति स्थापित की जाती है। इसके पास कलश स्थापित कर स्वास्तिक का चिन्ह बनाया जाता है।

इसके बाद भगवान को पंचामृत अर्पित किया जाता है और फूलमाला से उनका श्रृंगार किया जाता है। पूजा के दौरान गुलाल, पीला चंदन और अक्षत अर्पित किए जाते हैं।

भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मिठाई या अन्य प्रसाद भी अर्पित करते हैं। अंत में घी का दीपक और धूप जलाकर मंत्र या चालीसा का पाठ किया जाता है और राधा-कृष्ण की आरती की जाती है।

रंग पंचमी का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 7 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 17 मिनट से हो चुकी है। यह तिथि 8 मार्च 2026 को रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगी।

इसी कारण 8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाना अधिक शुभ माना जा रहा है। श्रद्धालु इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, राधा रानी और मां लक्ष्मी की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

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