सूर्य का मेष राशि में गोचर: 14 अप्रैल से इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, बनेगा 'शुक्रादित्य राजयोग'
Apr 12, 2026 12:56 PM
ज्योतिष। खगोलीय घटनाओं और ज्योतिषीय गणनाओं के लिहाज से 14 अप्रैल का दिन बेहद खास होने वाला है। इस दिन सूर्य देव मीन राशि की अपनी यात्रा पूरी कर मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। शास्त्रों में सूर्य के मेष राशि में जाने को 'मेष संक्रांति' के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। रविवार की सुबह 9:38 बजे जैसे ही सूर्य का गोचर होगा, वैसे ही 'शुक्रादित्य राजयोग' का निर्माण हो जाएगा। ज्योतिषियों का मानना है कि सूर्य का अपनी उच्च राशि में आना प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति और सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए जबरदस्त ऊर्जा लेकर आता है।
खरमास का अंत और नए अवसरों का उदय
सूर्य के मेष राशि में आते ही शुभ कार्यों पर लगी पाबंदियां हटने लगती हैं और जनजीवन में एक नई ऊष्मा का संचार होता है। इस बार सूर्य और शुक्र का मिलन कुछ चुनिंदा राशियों के लिए 'गोल्डन पीरियड' की शुरुआत करने वाला है। विशेषकर उन लोगों के लिए समय शानदार है जो पिछले काफी समय से करियर में रुकावट महसूस कर रहे थे। गोचर के प्रभाव से न केवल आर्थिक तंगी दूर होगी, बल्कि समाज में आपके पद और कद में भी इजाफा देखने को मिलेगा।
इन राशियों की लगेगी लॉटरी: जानें क्या होगा बदलाव
मेष राशि: सूर्य आपकी ही राशि के लग्न भाव में विराजमान होंगे। इससे आपके आत्मविश्वास में गजब का उछाल आएगा। जो काम महीनों से लटके थे, वे अब गति पकड़ेंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ और पराक्रम में वृद्धि के प्रबल योग हैं।
मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए यह परिवर्तन किसी वरदान से कम नहीं है। सूर्य का साथ मिलने से आपके जीवन में सकारात्मकता आएगी। यदि आप कोई नया व्यापार या स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 14 अप्रैल के बाद का समय सबसे उपयुक्त है।
कर्क राशि: नौकरीपेशा जातकों के लिए प्रमोशन और इंक्रीमेंट के रास्ते खुलेंगे। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलेगा। मेहनत का फल अब मीठा होने वाला है।
सिंह राशि: चूंकि सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह गोचर आपके लिए सबसे अधिक प्रभावशाली रहेगा। सरकारी अटके हुए कामों में सफलता मिलेगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। अगर आप राजनीति या सामाजिक सेवा से जुड़े हैं, तो कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
दान और उपासना का है विशेष महत्व
मेष संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है। इस दिन तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य देना और लाल वस्तुओं (जैसे गुड़, मसूर की दाल या लाल कपड़े) का दान करना कुंडली में सूर्य की स्थिति को और मजबूत करता है। जिन जातकों की कुंडली में सूर्य कमजोर है, उन्हें इस गोचर के दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए ताकि राजयोग का पूर्ण लाभ मिल सके।