कैथल में कुत्ते के काटने के बाद इंसान बना हैवान? कुंज मोहल्ला में युवक की हरकतों से दहशत, वीडियो वायरल
Jun 20, 2026 1:48 PM
कैथल। स्थानीय वार्ड नंबर-28 के अंतर्गत आने वाले कुंज मोहल्ला में इन दिनों अजीबोगरीब दहशत का साया है। यहाँ एक 22 वर्षीय युवक का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो चर्चा और डर का विषय बन गया है। वीडियो में युवक का व्यवहार सामान्य इंसानों जैसा नहीं, बल्कि बेहद डरावना नजर आ रहा है। मोहल्ले के लोगों का सीधा आरोप है कि कुछ दिनों पहले इस युवक को एक आवारा कुत्ते ने अपना शिकार बनाया था। समय पर सही इलाज न मिलने के कारण अब उसके शरीर में रेबीज के गंभीर लक्षण दिखाई देने लगे हैं। वह राह चलते लोगों के पीछे बिल्कुल कुत्तों की तरह आवाजें निकालता हुआ उन्हें काटने के लिए दौड़ रहा है।
17 जून की रात मचाया हुड़दंग, सहमे बच्चे और महिलाएं
मोहल्ले के बाशिंदों ने बताया कि बीते बुधवार यानी 17 जून की रात इस युवक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने अचानक सड़क पर चल रहे कुछ पड़ोसियों पर हमला कर दिया और उन्हें दांतों से काटने की कोशिश की। इस घटना के बाद से ही अर्जुन नगर और कुंज मोहल्ला की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थिति यह है कि खौफ के मारे महिलाओं और बच्चों ने घरों से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है। लोग अपने घरों के मुख्य दरवाजे चौबीसों घंटे बंद रख रहे हैं।
पुलिस सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचा, पर सिस्टम को चकमा देकर फरार
वार्ड के स्थानीय पार्षद मोहन लाल शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत तुरंत सिटी थाना पुलिस और नगर परिषद के अधिकारियों को भेजी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम हरकत में आई और युवक को काबू करके इलाज के लिए नागरिक अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) ले जाया गया। लेकिन स्वास्थ्य प्रणाली की लापरवाही कहिए या युवक का उग्र रूप, वह डॉक्टरों और कर्मचारियों को चकमा देकर अस्पताल परिसर से भाग निकला। फिलहाल वह कहां है और किस हाल में है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है।
आवारा कुत्तों का आतंक, सिविल सर्जन ने बुलाई आपात बैठक
इस सनसनीखेज मामले पर जिला सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने बताया कि वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में फिलहाल इस नाम के किसी मरीज के दाखिल होने की पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि वह अस्पताल से भाग चुका है। डॉ. चावला के मुताबिक, पुलिस प्रशासन की मदद से एक विशेष रेस्क्यू टीम को युवक की तलाश में लगाया गया है।
चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि यदि रेबीज संक्रमित पशु (कुत्ता, बिल्ली या बंदर) के काटने के बाद समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) न ली जाए, तो वायरस सीधे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है, जिससे इंसान का व्यवहार हिंसक और पशुओं जैसा होने लगता है। उधर, पार्षद मोहन लाल शर्मा ने नगर परिषद में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी का मुद्दा उठाते हुए तुरंत डॉग-कैचिंग स्क्वायड भेजने की मांग की है ताकि मोहल्ले को सुरक्षित किया जा सके।