Delhi NCR Metro Expansion: NCR का मास्टर प्लान: दिल्ली-हरियाणा को जोड़ेंगे 6 नए मेट्रो कॉरिडोर, पानीपत और पलवल तक आसान होगा सफर
Jun 20, 2026 11:55 AM
हरियाणा। दिल्ली-NCR की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क को लेकर सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दिखाई है। गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे सैटेलाइट शहरों में हर दिन सफर करने वाले लाखों यात्रियों को जाम से परमानेंट मुक्ति दिलाने के लिए 6 नए सुपर कॉरिडोर पर काम शुरू होने जा रहा है। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में तय हुआ है कि इन रूट्स पर न सिर्फ मेट्रो की लाइनों को आगे बढ़ाया जाएगा, बल्कि हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेनों के जरिए शहरों की दूरी को समेटा जाएगा।
हरियाणा के इन 4 रूटों पर दौड़ेगी मेट्रो और रैपिड रेल
इस नए मेगा प्लान का सबसे बड़ा फायदा हरियाणा के हिस्से आने वाले एनसीआर क्षेत्रों को मिलने जा रहा है।
पहला कॉरिडोर (सोनीपत-पानीपत): यह दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर का हिस्सा होगा। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन को रिठाला और नरेला से आगे बढ़ाते हुए सीधे सोनीपत तक खींचा जाएगा।
दूसरा कॉरिडोर (फरीदाबाद-पलवल): दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन, जो फिलहाल राजा नाहर सिंह (बल्लभगढ़) स्टेशन पर खत्म होती है, उसे आगे बढ़ाकर पलवल तक ले जाने की तैयारी है।
तीसरा कॉरिडोर (फरीदाबाद-गुरुग्राम): दोनों ही बड़े औद्योगिक हब हैं, लेकिन सीधा रूट न होने से लोग परेशान रहते हैं। अब हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) यहां करीब 52 से 60 किलोमीटर लंबा एक स्वतंत्र मेट्रो कॉरिडोर बनाने का खाका तैयार कर रहा है।
चौथा कॉरिडोर (बहादुरगढ़-रोहतक): दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन को आसौदा तक विस्तार देने के लिए सर्वे और डीपीआर (DPR) का काम अंतिम दौर में है, जिसे भविष्य में रोहतक और रैपिड रेल से लिंक किया जाएगा।
यूपी का मेरठ रूट रचेगा इतिहास, गुरुग्राम से रेवाड़ी तक बिछेगा जाल
यूपी और दिल्ली को जोड़ने वाले गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर देश में पहली बार एक अनोखा प्रयोग देखने को मिलेगा। इस रूट पर मेट्रो और नमो भारत (RRTS) ट्रेनें एक साथ चलेंगी। मेरठ शहर के भीतर की लोकल मेट्रो सेवा पहले से ही रैपिड रेल के ट्रैक्स और स्टेशनों का इस्तेमाल कर रही है, जिससे बुनियादी ढांचे की लागत बची है। उधर, छठे कॉरिडोर के रूप में गुरुग्राम के सेक्टर-56 से मानेसर तक नई मेट्रो लाइन का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे आगे रेवाड़ी तक ले जाया जाएगा। इसी रूट पर दिल्ली-अलवर रैपिड रेल प्रोजेक्ट को भी समानांतर विकसित किया जा रहा है।
सीमाओं में कोई बदलाव नहीं, बसेंगे 5000 करोड़ के 4 नए शहर
इंफ्रास्ट्रक्चर के इस बड़े विस्तार के बीच एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एक और बड़ा फैसला लिया है। काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे कि एनसीआर का दायरा घटाया या बढ़ाया जा सकता है, लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया कि मौजूदा सीमाओं में कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। इसके बजाय, अगले पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम बजट से चार नए ‘नमो’ ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। ये आधुनिक शहर हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक की संख्या में बसाए जाएंगे, जिससे मुख्य शहरों पर आबादी का बोझ कम हो सके।