Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में फूड सेफ्टी टीम की बड़ी रेड, नकली पनीर और मिठाइयों के सैंपल लिए, दुकानदारों में हड़कंप

कुरुक्षेत्र में फूड सेफ्टी टीम की बड़ी रेड, नकली पनीर और मिठाइयों के सैंपल लिए
Kurukshetra News: त्योहारी सीजन और आम दिनों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए कुरुक्षेत्र का खाद्य सुरक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। विभाग की विशेष टीम ने शहर की दो प्रमुख दुकानों पर अचानक छापेमारी कर हड़कंप मचा दिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर रखी मिठाइयों और पनीर की गुणवत्ता की बारीकी से जांच की और संदिग्ध पाए जाने पर नमूने सील किए।
अचानक हुई इस प्रशासनिक हलचल से आसपास के दुकानदारों और डेयरी संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदार चेकिंग के डर से शटर गिराते नजर आए, तो कुछ अपने सामान की सफाई में जुट गए।
दूध के बिना बने पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध, 3 खाद्य पदार्थों के नमूने लैब भेजे
कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए कुरुक्षेत्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) अमित चौहान ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई विभाग द्वारा चलाए जा रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है। सरकार और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत दूध के अलावा किसी भी अन्य अप्राकृतिक या हानिकारक घटक से बनाए जाने वाले पनीर की बिक्री को पूरी तरह बैन कर दिया गया है।
इसी प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से टीम सीधे फील्ड में उतरकर डेयरी और मिठाई दुकानों की रैंडम चेकिंग कर रही है। अमित चौहान ने स्पष्ट किया कि आज की छापेमारी के दौरान टीम ने कुल तीन अलग-अलग दुकानों से पनीर और मिठाइयों के सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला (लैब) भेजा जा रहा है।
मानकों पर फेल हुए सैंपल तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई
छापेमारी के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी भी जारी की। उन्होंने कहा कि व्यापार अपनी जगह है, लेकिन आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीम ने दुकानदारों को अपनी दुकानों और किचन में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ केवल मानक सामग्री का उपयोग करने के सख्त निर्देश दिए।
अब पूरी कार्रवाई के बाद बाजार के व्यापारियों और आम लोगों की नजरें लैब से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं। अधिकारी अमित चौहान ने साफ कर दिया है कि यदि लैब रिपोर्ट में सैंपल तय मानकों पर फेल पाए जाते हैं या किसी तरह की मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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