कुरुक्षेत्र में गरजे दीपेंद्र हुड्डा: बोले- मनोहर लाल को सपने में भी दिख रही है हुड्डा साहब की चुनौती
May 19, 2026 11:21 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर तल्ख हो गए हैं। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर पर सीधा निशाना साधा। मीडिया से मुखातिब होते हुए दीपेंद्र ने कहा कि मनोहर लाल को आजकल सपने में भी हुड्डा साहब (भूपेंद्र सिंह हुड्डा) की चुनौती ही नजर आ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस बार भाजपा भले ही 'वोट चोरी' करके और मामूली अंतर से सरकार बनाने में सफल रही हो, लेकिन सूबे की जनता का मिजाज साफ है। आने वाले समय में हरियाणा के लोग भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में ही कांग्रेस की सरकार चुनेंगे।
अर्थव्यवस्था और मुफ्त अनाज योजना पर उठाए सवाल
दीपेंद्र हुड्डा ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और दावों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हरियाणा में अचानक 75 फीसदी आबादी को बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी में डाल दिया गया। सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देने को अपनी पीठ थपथपाने का जरिया मानती है, जबकि असल कामयाबी तब होती जब इन हाथों को रोजगार मिलता। तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि आज भारतीय रुपया पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान की करेंसी से भी नीचे के स्तर पर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री को नसीहत दी कि वे ठंडे देशों के दौरों को छोड़कर देश के भीतर की बेरोजगारी, महंगाई और चरमराती शिक्षा व्यवस्था की सुध लें।
पेपर लीक से छात्र डिप्रेशन में, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर भी दीपेंद्र हुड्डा ने गहरा आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि हर साल होने वाले इन पेपर लीक कांडों की वजह से देश का युवा मानसिक तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहा है। छात्रों के दर्द को साझा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सत्ता के संरक्षण में बैठे लोगों की मिलीभगत से हो रहा है। कांग्रेस सांसद ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
परीक्षाओं की साख पर उठाया सवाल, मंथन की मांग
व्यवस्था पर चोट करते हुए हुड्डा ने कहा कि अगर सरकार देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाएं भी पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से नहीं करा पा रही है, तो जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। उन्होंने अतीत का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में JEE, PMT और IIT जैसी बड़ी परीक्षाओं के पेपर कभी लीक नहीं होते थे। लेकिन पिछले 12 सालों में यह एक स्थायी चलन बन गया है, जो देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार को चेताया कि इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय तुरंत आत्ममंथन करने की जरूरत है।