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फर्जी सर्टिफिकेट ने छिड़वाई जंग: पानीपत के बोडा में सरपंच पद के लिए दो दिग्गजों की भिड़ंत।

May 10, 2026 3:52 PM

कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के पिहोवा खंड का गांव बोडा एक बार फिर सियासी अखाड़ा बना हुआ है। यहां सरपंच पद के लिए हो रहे उपचुनाव में आज सुबह से ही मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। करीब एक साल से गांव की राजनीति में जो उबाल था, उसका फैसला आज ईवीएम में कैद हो जाएगा। यह चुनाव महज एक पद के लिए नहीं, बल्कि गांव में अपनी साख बचाने की लड़ाई बन चुका है। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए प्राइमरी स्कूल बोडा और सरस्वती खेड़ा कॉलोनी में दो पोलिंग बूथ स्थापित किए हैं, जहां शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे।

पिछली हार का बदला लेने उतरे गुरदेव पुरी

इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यह है कि मैदान में वही चेहरे हैं जो पिछली बार भी आमने-सामने थे। पिछली बार रामचंद्र ने महज 3 वोटों के मामूली अंतर से गुरदेव पुरी को शिकस्त दी थी। हालांकि, जीत के बाद रामचंद्र पर 10वीं की फर्जी मार्कशीट लगाने के आरोप लगे और जांच के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। अब गुरदेव पुरी एक बार फिर किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि उनके सामने अमरीक सिंह पूरी ताकत से चुनौती पेश कर रहे हैं। गांव की चौपालों पर चर्चा है कि क्या इस बार बाजी पलटेगी या नतीजे कुछ और ही कहानी बयां करेंगे।

प्रशासन अलर्ट: चप्पे-चप्पे पर पहरा

उपचुनाव की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पिहोवा के एसडीएम अनिल कुमार दून ने बताया कि मतदान केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। दोपहर 12 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार, बोडा में 450 से ज्यादा वोट पड़ चुके थे, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण अपने गांव की नई सरकार चुनने को लेकर कितने सजग हैं। केवल सरपंच ही नहीं, बल्कि सरस्वती खेड़ा कॉलोनी के वार्ड नंबर-6 में पंच पद के लिए भी साथ-साथ वोटिंग चल रही है।

जिले का चुनावी समीकरण: निर्विरोध और खाली सीटें

कुरुक्षेत्र जिले में चुनावी प्रक्रिया तो 1 सरपंच और 23 पंच पदों के लिए शुरू हुई थी, लेकिन कई सीटों पर सियासी समीकरण दिलचस्प रहे। नामांकन वापसी के बाद 14 पंच निर्विरोध चुन लिए गए, जिससे वहां चुनाव की नौबत ही नहीं आई। वहीं, जिले के 8 पंच पद ऐसे भी रहे जहां किसी ने पर्चा ही नहीं भरा। फिलहाल सारा ध्यान बोडा की सरपंच सीट पर टिका है, क्योंकि यहां का फैसला गांव की दिशा और दशा तय करेगा। मतदान खत्म होने के बाद देर शाम तक नतीजों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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