कुरुक्षेत्र में पोक्सो पीड़िता के पिता को खेत में पटककर जबरन पिलाया जहर, हालत गंभीर
Jun 17, 2026 10:59 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था और पुलिसिया संवेदनशीलता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहां अपनी नाबालिग बेटी के लिए इंसाफ मांग रहे एक बेबस पिता को पड़ोसियों द्वारा जबरन जहर पिलाने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। फिलहाल पीड़ित गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने चार नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस वारदात से ठीक एक दिन पहले सोमवार को इस दंपती ने फेसबुक पर लाइव आकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़ित दंपती का कहना था कि करीब दो महीने पहले उनकी नाबालिग बेटी के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। लेकिन कुरुक्षेत्र पुलिस ने दो महीने बीत जाने के बाद भी रसूखदार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
सोशल मीडिया पर सुसाइड की चेतावनी और सीएमओ से आया फोन
पुलिस के ढुलमुल रवैये से तंग आकर हताश दंपती ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक सुसाइड नोट भी शेयर किया था। इसमें साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि अगर सोमवार शाम 4 बजे तक आरोपियों को न दबोचा गया, तो वे अपने बेटे और बेटी के साथ सामूहिक आत्मदाह कर लेंगे। इस सुसाइड नोट में कुछ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भी अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था। पीड़ित परिवार के मुताबिक, इस अल्टीमेटम के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से उनके पास एक फोन आया, जिसके बाद उन्होंने सुसाइड करने का फैसला टाल दिया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पीड़ित का आरोप है कि शाम चार बजे के बाद आरोपी पक्ष के लोग फेसबुक पर उनकी पोस्ट के नीचे लगातार भद्दे कमेंट्स करने लगे और उन्हें सुसाइड करने के लिए उकसाने लगे। जब पीड़ित ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो आरोपी पक्ष के कुछ दबंग उनके खेत में जा धमके। वहां आरोपियों ने पीड़ित को दबोचकर जमीन पर गिरा दिया और बेरहमी से उसके गले में कोई जहरीला पदार्थ उड़ेल दिया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए, जिसके बाद पीड़ित ने किसी तरह फोन कर अपनी पत्नी को इसकी जानकारी दी और मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
नाबालिग बेटी से अश्लील बातें कराने और वीडियो वायरल करने का घिनौना खेल
इस पूरे विवाद की जड़ बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक है। पीड़ित दंपती ने अपनी पुरानी शिकायत में पड़ोस की एक महिला पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप के मुताबिक, वह महिला उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर या डरा-धमकाकर अपने घर बुलाती थी। वहां मासूम बच्ची से ऑनलाइन अनजान लोगों के साथ अश्लील और गंदी बातें करवाई जाती थीं और इस घिनौने खेल के एवज में आरोपी मोटी रकम वसूलते थे।
जब परिवार को इस काली करतूत की भनक लगी और उन्होंने विरोध किया, तो आरोपियों ने पीड़ित को उसकी बेटी का एक अश्लील वीडियो दिखाकर उसे इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस में मामला पहुंचने के बाद भी आरोपियों ने पीड़ित परिवार का जीना मुहाल कर रखा था और केस वापस लेने के लिए 40 लाख रुपये के समझौते का लगातार दबाव बना रहे थे।
पुलिस का बयान: नई शिकायत पर जांच शुरू
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर केयूके थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि उन्हें फेसबुक लाइव आकर सुसाइड की चेतावनी देने की पहले कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, अब पीड़ित की पत्नी की तरफ से एक नई शिकायत मिली है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर गहनता से तफ्तीश की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल इस मामले की जांच अंबाला आईजी के निर्देश पर अंबाला पुलिस भी कर रही है।