Renu Bhatia Resignation: हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन का इस्तीफा, वीडियो जारी कर मांगी माफी, नर्सों का मानहानि केस का ऐलान
Jun 10, 2026 3:07 PM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन रेणु भाटिया इन दिनों चौतरफा विवादों से घिरी हुई हैं। मंगलवार देर रात उनके इस्तीफे की खबर आई और बुधवार को सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो संदेश तैरने लगा। आयोग के दफ्तर में अपनी चिर-परिचित कुर्सी पर बैठकर रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में रेणु भाटिया विदाई वाले अंदाज में नजर आ रही हैं। उन्होंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि यदि इस दौरान उनसे कोई त्रुटि हुई हो या उनकी वजह से किसी को ठेस पहुंची हो, तो वह इसके लिए क्षमा मांगती हैं। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि जिस नर्सिंग बिरादरी के गुस्से के कारण उन्हें कुर्सी गंवानी पड़ी, उनका कोई सीधा जिक्र इस वीडियो में नहीं था।
हाथ में गीता लेकर खाई कसम
अपने इस विदाई संदेश में रेणु भाटिया ने भावुक कार्ड खेलते हुए हाथ में पवित्र 'भगवद गीता' उठा ली। उन्होंने कहा, "मैंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल को गीता के उपदेशों की तरह जिया है। मैं गीता की कसम खाकर कहती हूं कि मैंने कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया। कोशिश यही रही कि जो भी आस लेकर इस टेबल तक आए, उसकी समस्या का समाधान हो सके।" उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि उनके बाद जो भी इस जिम्मेदारी को संभाले, वह यहां आने वाली हर पीड़िता को अपनी बेटी की नजर से देखे।
क्या था पूरा विवाद?
इस पूरे बखेड़े की शुरुआत बीती 7 जून को हुई थी, जब कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल में एक लड़की से दुष्कर्म का मामला सामने आया था। इसी घटना की पड़ताल और औचक निरीक्षण के लिए रेणु भाटिया अस्पताल पहुंची थीं। वहां व्यवस्थाओं को लेकर वह इस कदर बिफर पड़ीं कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सीनियर नर्सिंग ऑफिसर को फटकार लगाते हुए अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर डाला। उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर से कह दिया था— 'अगर आपकी बेटी को किसी के साथ कमरे में छोड़ दूं...'। इस बयान के बाद राज्य भर के चिकित्सा कर्मियों में उबाल आ गया और मंगलवार को डॉक्टरों व नर्सों ने अस्पतालों में दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल कर दी।
"सार्वजनिक माफी से कम कुछ भी मंजूर नहीं"
नर्सिंग एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष विनीता बांगड़ ने इस वीडियो के सामने आने के बाद दोटूक शब्दों में कहा कि यह कोई माफीनामा नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक विदाई का ढोंग है। उन्होंने कहा, "मैडम ने नर्सों की अस्मिता और सम्मान को सरेबाजार नीलाम करने की कोशिश की। सीएचसी और पीएचसी स्तर पर हमारी बहनें रात-रात भर बिना किसी सुरक्षा के अकेले ड्यूटी करती हैं।
हमने एक महीने पहले ही उन्हें सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग सौंपी थी, जिस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। अब सिर्फ कुर्सी छोड़ देने से उनका पीछा नहीं छूटेगा। हम उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा ठोकेंगे और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।" एसोसिएशन ने साफ किया कि जब तक सरकार उनका इस्तीफा आधिकारिक रूप से मंजूर नहीं करती और रेणु भाटिया सार्वजनिक मंच पर आकर नर्सों से हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगतीं, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।