हरियाणा में मौसम विभाग का अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी
Mar 15, 2026 8:36 AM
चंडीगढ़. हरियाणा में समय से पहले ही जेठ जैसी भीषण तपिश झेल रहे लोगों के लिए 15 मार्च की सुबह एक बड़ा मौसमी बदलाव लेकर आई है। चंडीगढ़ स्थित मौसम विभाग ने प्रदेश के मौसम में अचानक हुए इस उलटफेर को देखते हुए कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की सख्त चेतावनी जारी कर दी है। उत्तर भारत में एक नए और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण सुबह से ही आसमान में घने बादल डेरा डाले हुए हैं।
जींद, करनाल और पानीपत में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तरी और मध्य हरियाणा के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रहने वाला है। प्रशासन ने पूरी एहतियात बरतते हुए जींद, कैथल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, करनाल और अंबाला जिले के लिए खास तौर पर ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। इन सभी इलाकों में तेज गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने और ओले गिरने की प्रबल आशंका है, इसलिए लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही प्रदेश के बाकी हिस्सों के लिए मौसम विज्ञानियों ने येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, पलवल, साइबर सिटी गुरुग्राम, रेवाड़ी, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, यमुनानगर और पंचकूला जैसे अहम जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे दिन का तापमान तेजी से गिरेगा।
बारिश से धुलेगा प्रदूषण, सुधरेगा AQI
बेमौसमी बारिश और तेज हवाओं के इस दौर के बीच राज्य के प्रमुख औद्योगिक शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी लगातार करवट ले रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, फरीदाबाद में AQI का स्तर 218 दर्ज किया गया है, जो काफी खराब श्रेणी में आता है। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का एक्यूआई 188 के साथ फिलहाल फरीदाबाद से थोड़ी बेहतर स्थिति में बना हुआ है।
गुरुग्राम में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक है, जहां सुबह के समय एक्यूआई 209 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह अंबाला जिले में भी प्रदूषण का स्तर 209 पर ही अटका हुआ है। पर्यावरण जानकारों का मानना है कि 18 से 20 मार्च के बीच होने वाली तेज बारिश और हवाओं के बाद वातावरण में मौजूद प्रदूषक कण पूरी तरह धुल जाएंगे, जिससे दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के एक्यूआई स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
रबी की फसलों पर भारी संकट, पारे में गिरावट
अगर प्रदेश के मौजूदा तापमान की बात करें तो बीते दिन नूंह जिले में अधिकतम पारा 34.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि करनाल में सबसे कम 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज सुबह हरियाणा का औसत तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो ठंडी हवा और नमी के कारण महज 14 डिग्री जैसा महसूस हो रहा है। आज दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने की उम्मीद है।
तापमान में इस भारी गिरावट से शहरी इलाकों के लोगों ने जरूर राहत की सांस ली है, लेकिन कृषि प्रधान हरियाणा के किसानों के लिए यह अलर्ट किसी भयानक झटके से कम नहीं है। खेतों में इस वक्त गेहूं और सरसों जैसी रबी की फसलें कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी हैं। तेज आंधी और ओले गिरने से इन पकी हुई फसलों और खेतों में लगी सब्जियों को सीधा और भारी नुकसान पहुंचने का डर सता रहा है।
19 मार्च को फिर आएगा नया पश्चिमी विक्षोभ
आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान पर नजर डालें तो 16 मार्च को आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे और मौसम सुहावना बना रहेगा। हालांकि, 17 मार्च को आसमान पूरी तरह साफ रहने और चटक धूप खिलने के आसार हैं, जिससे गर्मी का अहसास फिर लौट सकता है। लेकिन यह गर्मी ज्यादा दिन नहीं टिकेगी, क्योंकि 18 मार्च से एक बार फिर बादल अपना डेरा जमाएंगे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग का स्पष्ट कहना है कि 19 मार्च को एक और मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ राज्य में पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। इसके प्रभाव से हरियाणा में दोबारा गरज-चमक के साथ बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 20 मार्च तक लगातार जारी रहेगा। इसके बाद 21 मार्च से मौसम के फिर से शुष्क होने की संभावना है, जिससे दोपहर में गर्मी का प्रकोप दोबारा शुरू हो जाएगा।