एलपीजी किल्लत पर हरियाणा के डीसी और एसपी एक्शन में, कालाबाजारी रोकने के लिए उठाया ये कदम
Mar 15, 2026 1:09 PM
चंडीगढ़: वैश्विक स्तर पर ईरान का इजरायल और अमेरिका के साथ युद्ध छिड़ने के बाद देश भर में रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत मच गई है, जिसे देखते हुए हरियाणा सरकार तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई है। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सख्त आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, स्कूलों और कॉलेजों जैसी आवश्यक सेवाओं में गैस की कमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। रोहतक से लेकर गुरुग्राम और पानीपत जैसे तमाम जिलों में आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए कड़े जमीनी कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला डीसी के हाथों में होगी आपूर्ति की कमान
सरकार के नए आदेशों के तहत हरियाणा के हर जिले में उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में एक विशेष निगरानी कमेटी का गठन किया जा रहा है। इस उच्च स्तरीय कमेटी में जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी), चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) और जिला शिक्षा अधिकारी भी अहम सदस्य होंगे। वहीं, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (DFSC) को इस पूरी कमेटी का सचिव नियुक्त किया गया है।
यह कमेटी स्थानीय स्तर पर कमर्शियल एलपीजी गैस की उपलब्धता का सटीक आकलन करेगी और यह तय करेगी कि आपात स्थिति में किसे पहले प्राथमिकता दी जाए। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कालाबाजारी न हो और जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचे।
20 प्रतिशत स्टॉक रहेगा रिजर्व, तेल कंपनियों पर होगी नजर
गैस के इस भारी संकट के बीच जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (DFSC) हर दिन जमीनी हकीकत की बारीकी से समीक्षा करेंगे। वे इस बात की कड़ी निगरानी रखेंगे कि तेल कंपनियां जिलों में तय कोटे के मुताबिक गैस की सप्लाई ठीक से कर रही हैं या नहीं।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की दैनिक औसत खपत का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार की आवश्यक सेवाओं के लिए एनीटाइम रिजर्व रखा जाएगा। यह 20 प्रतिशत का सुरक्षित स्टॉक यह सुनिश्चित करेगा कि विषम परिस्थितियों में भी जिले का सिस्टम पूरी तरह न चरमराए।
अस्पतालों और शादी वाले घरों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता
सुरक्षित रखे गए 20 प्रतिशत कोटे का इस्तेमाल विशेष रूप से अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर गैस देने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों (हॉस्टल्स) को भी उनकी जरूरत के हिसाब से बिना किसी बाधा के गैस पहुंचाई जाएगी।
वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन घरों में शादी का आयोजन है, उन्हें जरूरत के हिसाब से गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। प्रशासन ने कड़े निर्देश दिए हैं कि विशेषकर जिन घरों में लड़की की शादी है, वहां गैस सिलेंडर देने में सबसे पहली प्राथमिकता बरती जाए।
गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें, दावों और हकीकत में अंतर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध के हालात बनने के बाद से ही हरियाणा के ज्यादातर शहरों में रसोई गैस के लिए मारामारी थमने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि, राज्य सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में एलपीजी, सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में नियमित तौर पर हो रही है।
लेकिन जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों से बिल्कुल उलट और खौफनाक नजर आ रही है। हिसार, करनाल और फरीदाबाद समेत प्रदेश भर में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की भारी भीड़ और लंबी कतारें इस राष्ट्रीय संकट की गंभीरता को खुद बयां कर रही हैं।