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महेंद्रगढ़ के कनीना में अब होगा 'स्मार्ट' सफर, 6 प्लेटफॉर्म और एसी हॉल वाला बस अड्डा तैयार करने के निर्देश

Mar 26, 2026 4:12 PM

महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र के निवासियों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। परिवहन सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के सरकारी दावों के बीच, कनीना में एक आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण की राह साफ हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रशासनिक स्तर पर हरी झंडी मिल चुकी है। 10.67 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से तैयार होने वाला यह बस अड्डा दक्षिण हरियाणा के परिवहन मानचित्र पर एक मील का पत्थर साबित होगा।

एसी वेटिंग हॉल और डिजिटल स्क्रीन: एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का अनुभव

नया बस स्टैंड केवल ईंट-गारे का ढांचा मात्र नहीं होगा, बल्कि इसे यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर 'स्मार्ट' बनाया जाएगा। मंत्री आरती राव के मुताबिक, यहां यात्रियों के लिए वातानुकूलित (AC) वेटिंग हॉल, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय और सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। बसों की समय-सारणी जानने के लिए यात्रियों को अब धक्के नहीं खाने पड़ेंगे, क्योंकि डिजिटल एलईडी स्क्रीन्स के जरिए रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही, 6 अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स होने से बसों की आवाजाही सुव्यवस्थित रहेगी और जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी।

रोजगार के खुलेंगे द्वार, स्थानीय बाजार में आएगी तेजी

यह परियोजना केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि कनीना के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को भी मजबूती देगी। बस स्टैंड बनने से लंबी दूरी की बसों का ठहराव शुरू होगा, जिससे दिल्ली, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इसके आसपास नई रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकानों के लगने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। आवाजाही बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों के कारोबार में भी उछाल आने की उम्मीद है, जिससे पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।

"क्वालिटी से समझौता नहीं": मंत्री का सख्त निर्देश

प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब गेंद संबंधित विभागों के पाले में है। आरती राव ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में हिदायत दी है कि टेंडर प्रक्रिया और अन्य कागजी औपचारिकताओं को बिना किसी देरी के पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य के दौरान सामग्री की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कनीना की जनता को यह सौगात सौंप दी जाए, ताकि बरसों से धूल फांक रहे इस प्रोजेक्ट को हकीकत का रूप मिल सके।

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