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Nuh wall collapse: हरियाणा में तूफान का तांडव, नूंह में स्कूल की दीवार गिरने से 2 बच्चों की मौत, कई घायल

May 29, 2026 10:37 AM

नूंह। हरियाणा में नौतपा की भयंकर तपन के बीच मौसम का बदला मिजाज कुछ परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म दे गया। सूबे में सक्रिय हुए एक बेहद शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ ने गुरुवार देर शाम ऐसा तांडव मचाया कि पूरा प्रदेश दहल उठा। सबसे दर्दनाक खबर नूंह (मेवात) जिले से सामने आई, जहां चक्रवाती हवाओं के दबाव के कारण टपकान गांव के सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एक भारी-भरकम दीवार भरभरा कर ढह गई। इस हादसे के वक्त स्कूल के पास मौजूद पांच छात्र मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से मोहम्मद अयान नाम के छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, चार अन्य बच्चे जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। नूंह के ही चंदेनी गांव में भी एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से 9 साल के मासूम अनशेद की मलबे में दबने से मौत हो गई।

राजस्थान सीमा से सटे इलाकों में उड़ गईं छतें, खेतों में दिखा बवंडर

मौसम का सबसे उग्र रूप राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा, भिवानी और चोपटा क्षेत्रों में देखने को मिला। चोपटा इलाके में महज 15 मिनट की आंधी ने ऐसी तबाही मचाई कि दर्जनों मकानों के टिन शेड और छज्जे हवा में ताश के पत्तों की तरह उड़ गए। सिरसा के रानियां क्षेत्र से डरा देने वाले वीडियो सामने आए हैं, जहां खेतों के बीच धूल का एक विशालकाय बवंडर (टॉर्नेडो जैसी स्थिति) आसमान छूता नजर आया। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कुम्हारिया रोड पर दशकों पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए और रामपुरा ढिल्लो के आसपास के गांवों में बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे फसलों और सोलर पैनलों को भारी नुकसान पहुंचा है।

कहीं गिरे स्वागत द्वार तो कहीं टूटकर लटके टावर

अंधड़ के इस तांडव से सरकारी और निजी बुनियादी ढांचे को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। फतेहाबाद के जांडवाला बांगर में तेज हवा के झोंकों को एक मोबाइल टावर बर्दाश्त नहीं कर सका और बीच से टूटकर बिजली की हाईटेंशन लाइनों पर लटक गया। उधर, हिसार के घिराये-खरकड़ी मार्ग पर ग्राम पंचायत द्वारा बनाया गया भारी-भरकम कंक्रीट का स्वागत द्वार ताश के महल की तरह ढह गया। भिवानी और सिवानी के बाजारों में दुकानों के आगे लगे लोहे के भारी शेड उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। गनीमत रही कि इन हादसों के वक्त बाजारों में आवाजाही कम थी, वरना जान-माल का नुकसान और बड़ा हो सकता था।

आधी रात से कई जिले अंधकार में डूबे, थमी बिजली सप्लाई

तूफान के चलते प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और फिरोजपुर झिरका में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के कारण सैकड़ों बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे। पेड़ टूटने से मुख्य तारें छिन्न-भिन्न हो गईं, जिसके चलते एहतियातन बिजली विभाग को दर्जनों सब-स्टेशनों की सप्लाई बंद करनी पड़ी। रेवाड़ी के गोकुलगढ़, झज्जर के मातनहेल और महेंद्रगढ़ के अटेली क्षेत्र में ओलावृष्टि के बाद से ही बत्ती गुल है, जिसे बहाल करने में बिजली कर्मचारी जुटे हुए हैं।

पारे में 7.5 डिग्री की रिकॉर्ड गिरावट, आज भी 'रैड अलर्ट'

इस विनाशकारी आंधी-पानी ने जहां एक तरफ तबाही मचाई, वहीं दूसरी तरफ पिछले दो हफ्तों से भीषण लू झेल रहे लोगों को मौसम की इस मार के बीच तापमान से बड़ी राहत मिली है। पिछले 24 घंटों के भीतर हरियाणा के अधिकतम तापमान में 7.5 डिग्री सेल्सियस तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वातावरण में अचानक ठंडक घुल गई है। हालांकि, राहत का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। चंडीगढ़ मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस वेदर सिस्टम का असर शुक्रवार को भी पूरे शबाब पर रहेगा, जिसके मद्देनजर सूबे के कई हिस्सों में तेज अंधड़ और ओलावृष्टि का 'रैड अलर्ट' बरकरार रखा गया है।

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