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Palwal News: पलवल के 40 गांवों की चमकने वाली है किस्मत, 32 करोड़ के बिजली प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी

Mar 17, 2026 5:01 PM

पलवल। पलवल जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली के चरमराते ढांचे को सुधारने के लिए सरकार ने बड़ा निवेश करने का फैसला लिया है। औद्योगिक हब फरीदाबाद की सीमा से सटे पलवल के बैंसलात क्षेत्र में बिजली की किल्लत अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। विभाग ने गांव मुस्तफाबाद में 66 KV का नया आधुनिक बिजलीघर बनाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। करीब 32 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम प्रोजेक्ट के जरिए इलाके की पूरी डिस्ट्रीब्यूशन लाइन को नया रूप दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस बिजलीघर के चालू होते ही क्षेत्र में लोड की समस्या खत्म होगी और गांवों को पूरी वोल्टेज मिल सकेगी।

25 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन से मिलेगी पावर

बिजली विभाग के तकनीकी ब्लूप्रिंट के मुताबिक, मुस्तफाबाद में बनने वाले इस नए सब-स्टेशन को मीरपुर कौराली स्थित 220 KV के बड़े बिजलीघर से सीधा लिंक किया जाएगा। इसके लिए लगभग 20 से 25 किलोमीटर लंबी नई हाईटेंशन लाइन बिछाई जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि लंबी लाइनों और पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर की वजह से ग्रामीण इलाकों में लाइन लॉस ज्यादा होता है और फॉल्ट की समस्या बनी रहती है। नई लाइन बिछने से न केवल बिजली की बर्बादी रुकेगी, बल्कि निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी। विभाग ने इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कागजी औपचारिकताएं और जमीन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिससे जल्द ही धरातल पर काम शुरू होने की उम्मीद है।

40 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं और व्यापारियों को बड़ी राहत

इस नए पावर हाउस का सबसे ज्यादा असर मुस्तफाबाद, पेलक, चांदहट, बडोली, कुशक, मीसा, रसूलपुर, तराका और खेड़ला जैसे करीब 40 गांवों पर पड़ेगा। इन इलाकों के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि गर्मियों के सीजन में घंटों होने वाली बिजली कटौती पर लगाम लगे। खेती-किसानी के काम हों या फिर गांवों में चल रहे छोटे उद्योग, बिजली की आंख-मिचौली ने सबका काम प्रभावित कर रखा था। स्थानीय दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को अब जेनरेटर के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। बिजलीघर बनने से न केवल घरों की लाइट सुधरेगी, बल्कि इलाके के आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

गर्मियों के 'ब्लैकआउट' से मिलेगी आजादी

पलवल के इन गांवों में फिलहाल पुरानी लाइनों पर ओवरलोड की समस्या है, जिसके कारण आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने और केबल जलने की खबरें आती रहती हैं। मुस्तफाबाद बिजलीघर के शुरू होने से वर्तमान सब-स्टेशनों पर पड़ रहा बोझ कम हो जाएगा। विभागीय इंजीनियरों का कहना है कि यह एक 'आधुनिक' बिजलीघर होगा, जिसमें फॉल्ट की पहचान और उसे ठीक करने की तकनीक भी उन्नत होगी। सरकार की इस पहल से बैंसलात क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर है, क्योंकि अब उन्हें भीषण गर्मी में बिना बिजली के रातें नहीं काटनी पड़ेंगी।

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