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Nuh Fire: शटर खोलते ही बाहर आईं आग की लपटें, दमकल के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुद पाया काबू

Jun 10, 2026 12:10 PM

नूंह। नूंह जिले के पिनंगवा कस्बे से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है, जहां बुधवार की सुबह एक इलेक्ट्रॉनिक और फिटिंग के शोरूम में अचानक भीषण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक, दुकान संचालक अंकित गर्ग को सुबह-सुबह किसी राहगीर ने फोन पर सूचना दी कि उनकी दुकान के भीतर से काला धुआं बाहर निकल रहा है। यह सुनते ही अंकित बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने दुकान का शटर उठाया, अंदर आग का तांडव देखकर उनके होश उड़ गए। हवा मिलने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

देर से पहुंची फायर ब्रिगेड, व्यापारियों में रोष

पीड़ित दुकानदार अंकित गर्ग ने अपनी बेबसी बयां करते हुए बताया, "सुबह दुकान से धुआं निकलने की खबर पाकर जब हम यहां पहुंचे, तो अंदर आग सब कुछ अपनी चपेट में ले चुकी थी। हमने तुरंत पुलिस की डायल-112 सेवा और फायर ब्रिगेड को इस बारे में सूचित किया। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि घंटों इंतजार करने के बाद भी दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। जब तक सरकारी मदद के आसार दिखते, तब तक मेरी जिंदगी भर की कमाई जलकर खाक हो चुकी थी।"

बाजार के लोगों ने खुद संभाला मोर्चा

सरकारी तंत्र की सुस्ती को देख बाजार के अन्य व्यापारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने खुद जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। दमकल विभाग के समय पर न पहुंचने से गुस्साए लोगों ने आसपास से पानी और रेत का इंतजाम किया और आग बुझाने के काम में जुट गए। करीब दो घंटे से भी ज्यादा समय तक चले सामूहिक प्रयासों और भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका, जिससे बाजार की अन्य दुकानें इसकी चपेट में आने से बच गईं।

करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान

शुरुआती तौर पर इस अग्निकांड की वजह बिजली के तारों में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस हादसे में दुकान के अंदर रखा भारी मात्रा में फिटिंग का सामान, महंगे बिजली के उपकरण, प्लास्टिक पाइप और अन्य उत्पाद पूरी तरह जल चुके हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस घटना में करीब 15 से 20 लाख रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पिनंगवा के सरपंच प्रतिनिधि गिरीराज प्रसाद ने कहा, "व्यापारियों की मुस्तैदी से बड़ा हादसा टल गया। अगर दमकल विभाग वक्त पर सक्रिय हो जाता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। प्रशासन को ऐसी आपातकालीन स्थितियों के लिए कस्बों में पुख्ता और त्वरित व्यवस्था करनी चाहिए।"

कारणों की तफ्तीश में जुटा प्रशासन

इस घटना के बाद से पिनंगवा बाजार के स्थानीय दुकानदारों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने के साथ-साथ आग लगने के असली तकनीकी कारणों की जांच में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की सही वजह और नुकसान की वास्तविक रिपोर्ट सामने आ पाएगी।

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