Saturday, Jan 10, 2026

मोहाली: पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन द्वारा एस.ए.एस. नगर में नामित अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित


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मोहाली: पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन द्वारा आज जिला एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के सभी नामित अधिकारियों (डिज़ाइनटेड ऑफिसर्स) तथा अपीलीय प्राधिकरणों के लिए जिला प्रशासनिक परिसर, मोहाली में एक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण भारत सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना “पंजाब में पेंडेंसी प्रबंधन के लिए केंद्रीकृत यूनिफाइड डिजिटल सर्विसेज पोर्टल एवं डेटा रिपॉजिटरी का विकास” के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन के मुख्य आयुक्त वी. के. जंजुआ, सेवानिवृत्त आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उपायुक्त कार्यालय, मोहाली, महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगशीपा) तथा डिपार्टमेंट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सहयोग से किया गया।


कमीशन के चेयरमैन वी. के. जंजुआ ने कहा कि कुछ सरकारी अधिकारियों द्वारा आवेदनों पर टुकड़ों में (बार बार) आपत्तियां उठाने की प्रवृत्ति देखने को मिलती है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ऐसी प्रथा पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज नियम, 2021 के नियम 5(2) के तहत स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित है, जिसके अनुसार टुकड़ों में आपत्तियां नहीं उठाई जा सकतीं तथा यदि कोई आपत्ति हो तो उसे एक बार में ही स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाना आवश्यक है।


उन्होंने कहा कि यह प्रथा पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी इन डिलीवरी ऑफ पब्लिक सर्विसेज अधिनियम, 2018 की धारा 6(1) एवं 6(2) के भी विपरीत है, जिसके अनुसार पूर्ण रूप से सही आवेदन का निपटारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए अथवा उचित कारण दर्ज करते हुए उसे अस्वीकार किया जाना चाहिए। ऐसा न करने से अनावश्यक देरी होती है और आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।जंजुआ ने कहा कि कमीशन ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करेगा और जहां यह पाया जाएगा कि बिना उचित या वाजिब कारण के आपत्तियां उठाई गई हैं, वहां इसे वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में विफलता माना जाएगा तथा अधिनियम की धारा 16(3) के अंतर्गत प्रति मामला 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, वह भी विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए।


उन्होंने आगे बताया कि अधिनियम की धारा 9(2) के अंतर्गत अपीलीय प्राधिकरण को स्वप्रेरित (सुओ-मोटो) शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिनका उपयोग जनहित में न्यायोचित एवं विवेकपूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए, ताकि अधिसूचित सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित हो सके और अधिनियम के उद्देश्यों को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।अधिकारियों को संबोधित करते हुए वी. के. जंजुआ ने बताया कि कनेक्ट पंजाब वेबसाइट पर उपलब्ध अपील मॉड्यूल के माध्यम से नागरिक उन मामलों में अपील दायर कर सकते हैं, जहां सेवाएं निर्धारित समय-सीमा में प्रदान नहीं की जातीं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कमीशन अपनी स्वयं की वेबसाइट विकसित करने की प्रक्रिया में है, जिसके माध्यम से नागरिक सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे और शिकायत निवारण हेतु सीधे कमीशन से जुड़ सकेंगे।उन्होंने यह भी बताया कि कमीशन, डिपार्टमेंट ऑफ गुड गवर्नेंस एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सहयोग से एक केंद्रीकृत डिजिटल सेवा वितरण पोर्टल विकसित कर रहा है, जिसके पहले चरण में फरवरी 2026 तक 50 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

यह प्रशिक्षण सत्र संदीप, लीड, सेक्रेटेरियल सर्विस सेंटर द्वारा संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अधिसूचित सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा नागरिक शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना रहा। कार्यक्रम के दौरान अपील मॉड्यूल को औपचारिक रूप से लाइव किया गया तथा उपस्थित अधिकारियों को इसकी विस्तृत डेमोंस्ट्रेशन भी दी गई।इस बैठक-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रीमती कोमल मित्तल, आईएएस, उपायुक्त; डॉ. नयन, पीसीएस, सचिव, पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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Vinita Kohli

मोहाली: पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन द्वारा एस.ए.एस. नगर में नामित अधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

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