Haryana News: बैंक घोटाले को लेकर पंचकूला ACB की बड़ी कार्रवाई, FIR दर्ज, DSP करेंगे 590 करोड़ रुपए की हेराफेरी की जांच
Feb 24, 2026 3:10 PM
पंचकूला: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े खातों में 590 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। विधानसभा में मामला उठने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पंचकूला के सेक्टर-17 स्थित थाने में FIR दर्ज की। जांच की जिम्मेदारी DSP शुक्रपाल को सौंपी गई है। मामले में चंडीगढ़ स्थित IDFC बैंक और AU स्मॉल बैंक के कर्मचारियों समेत अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।
पंचकूला में FIR, DSP करेंगे जांच
पंचकूला सेक्टर-17 एसीबी थाने में दर्ज FIR नंबर 4 में IDFC First Bank की चंडीगढ़ शाखा और AU Small Finance Bank सेक्टर-32 चंडीगढ़ के कर्मचारियों को नामजद किया गया है। मामला पीसी एक्ट की धाराओं 316, 318, 336, 338, 340 और 61 के तहत दर्ज हुआ है। एसीबी फिलहाल चंडीगढ़ के दोनों बैंकों से लेनदेन के जुड़े रिकॉर्ड जुटा रही है। DSP स्तर के अधिकारी द्वारा जांच किए जाने से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बैंक ने खुद किया खुलासा
IDFC बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में हरियाणा सरकार से संबंधित कुछ खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई। बैंक ने स्वयं स्टॉक एक्सचेंज को सूचना देकर बताया कि उसके कुछ कर्मचारियों ने अनधिकृत और गलत तरीके से लेनदेन किए। बैंक के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े में बाहरी लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है। खुलासा होने के बाद बैंक प्रबंधन ने आंतरिक स्तर पर त्वरित कदम उठाए।
चार कर्मचारी सस्पेंड, फॉरेंसिक ऑडिट शुरू
गड़बड़ी उजागर होने के बाद बैंक ने चार संदिग्ध कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से फॉरेंसिक ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बैंक ने नियामक संस्था RBI को भी मामले की जानकारी भेज दी है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।
बोर्ड और ऑडिट कमेटी की बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक की ‘स्पेशल कमेटी फॉर मॉनिटरिंग फ्रॉड्स’ की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई। इसके बाद 21 फरवरी को ऑडिट कमेटी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें धोखाधड़ी से जुड़े तथ्य साझा किए गए। बैंक प्रबंधन ने संभावित नुकसान का आकलन करने और रिकवरी की रणनीति पर चर्चा की। साथ ही संदिग्ध खातों की पहचान कर आगे की कार्रवाई का खाका तैयार किया गया।
रिकवरी की प्रक्रिया और सरकार का दावा
IDFC फर्स्ट बैंक ने उन बैंकों को ‘रिकॉल रिक्वेस्ट’ भेजी है, जिनके खातों में संदिग्ध रकम ट्रांसफर की गई थी। दूसरे बैंकों से संबंधित खातों में मौजूद बैलेंस को होल्ड करने का अनुरोध किया गया है ताकि राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।
हरियाणा विधानसभा में प्रदेश सरकार की ओर से दावा किया गया कि 590 करोड़ रुपये की राशि रिकवर कर ली गई है और सरकारी धन पूरी तरह सुरक्षित है। सरकार ने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हेराफेरी की पूरी प्रक्रिया कैसे अंजाम दी गई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।