पंचकूला: हरियाणा के स्वास्थ्य एवं कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। आगामी 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन (पंचकूला), सीटू और सर्व कर्मचारी संघ (सकसं) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में शनिवार को सिविल अस्पताल, सेक्टर-6 में कर्मचारियों की एक विशेष और आवश्यक बैठक आयोजित की गई।
सरकार कर रही है कर्मचारियों के साथ धोखा
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान रमा ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ लगातार धोखा कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
यूनियन की प्रमुख मांगे
साझा जत्थे ने जनसंपर्क अभियान के दौरान कर्मचारियों को जागरूक किया और मांग पत्र वितरित किए। आंदोलन की मुख्य मांगों में शामिल नियमितीकरण, समान काम-समान वेतन, कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार प्रति माह, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और चारों लेबर कोड्स को रद्द करने की मांग है। इसके साथ ही हरियाणा का अलग वेतन आयोग, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, निजीकरण पर रोक और स्मार्ट बिजली मीटर योजना को रद्द करना भी प्रमुख मांगों में शामिल है।
बजट को बताया मजदूर, कर्मचारी और किसान विरोधी
प्रचार टीम के वक्ताओं ने हाल ही में संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे कर्मचारी, मजदूर और किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि सरकार केवल कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही है, जबकि धरातल पर काम करने वाला कर्मचारी आज भी अपने हक के लिए संघर्ष कर रहा है।
जनसंपर्क अभियान और बैठक में नितिन सिंगला, जिला प्रधान, सर्व कर्मचारी संघ, रमा, जिला प्रधान, स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन, राजीव चौहान, सरवन कुमार जांगड़ा, रीता देवी, मनजीत और टोनी मोहाली, राजेश तुसामड़ और मंगा डेरा बस्सी समेत कई कर्मचारी नेता शामिल रहे। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 12 फरवरी को स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा।