पंचकूला बैंक घोटाला: 160 करोड़ के गबन में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी, रजत दहरा के खातों से हुआ 60 करोड़ का खेल
Mar 27, 2026 12:46 PM
पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में बैंकिंग सेक्टर को हिलाकर रख देने वाले 160 करोड़ रुपये के गबन मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ब्यूरो ने इस सिंडिकेट के एक और अहम मोहरे, रजत दहरा को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया है कि रजत के दो बैंक खातों का इस्तेमाल इस भारी-भरकम राशि को इधर-बदल करने के लिए 'ब्रिज' के तौर पर किया गया था। अकेले रजत के खातों से ही 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पार की गई है।
रिलेशनशिप मैनेजर ने बुना था जाल, अब खुल रहे राज
पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित इस निजी बैंक की शाखा में हुए फर्जीवाड़े की परतें तब खुलनी शुरू हुईं, जब बुधवार रात पुलिस ने बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर राघव को अपनी गिरफ्त में लिया। राघव फिलहाल चार दिन के पुलिस रिमांड पर है और उससे हो रही कड़ी पूछताछ के आधार पर ही रजत दहरा तक पहुंचा जा सका है। बैंक के भीतर बैठे अधिकारियों और बाहर के गुर्गों की इस जुगलबंदी ने बड़ी चालाकी से सिस्टम में सेंध लगाई और करोड़ों रुपये डकार लिए।
2020 से 2025 तक चलता रहा करोड़ों का हेरफेर
एसीबी की शुरुआती तफ्तीश में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपी रजत दहरा ने कुबूल किया है कि उसके एक खाते का इस्तेमाल 29 मई 2020 तक बड़े ट्रांजेक्शन के लिए किया गया। वहीं, दूसरे खाते के जरिए 1 अक्टूबर 2022 से लेकर साल 2025 की शुरुआत तक करीब 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रूट की गई। ये पैसे पहले रजत के खातों में आए और फिर वहां से दर्जनों अन्य बेनामी खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। अब ब्यूरो उन तमाम बैंक खातों को खंगाल रहा है, जिनमें यह पैसा भेजा गया था।
रडार पर कई और नाम, बैंकिंग सिस्टम पर सवाल
पंचकूला के इस हाई-प्रोफाइल केस ने निजी बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था और इंटरनल ऑडिट पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। 160 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम का सालों तक हेरफेर होता रहा और बैंक की नजरों से यह चूक कैसे हुई, इसकी भी जांच की जा रही है। एसीबी अधिकारियों का मानना है कि रजत की गिरफ्तारी तो सिर्फ एक शुरुआत है; इस घोटाले के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है जिसमें कुछ और रसूखदार नाम सामने आने की संभावना है। फिलहाल, ब्यूरो की टीमें विभिन्न शहरों में दबिश दे रही हैं ताकि घोटाले की पूरी रकम और इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।