EVM सुरक्षा में सेंध की कोशिश": पंचकूला में घंटे बंद रहे CCTV कैमरे, भारी हंगामा
May 11, 2026 12:31 PM
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम चुनाव के लिए 10 मई को हुए मतदान के बाद अब 'स्ट्रांग रूम' राजनीति का अखाड़ा बन गया है। रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज ने ईवीएम की निगरानी कर रहे कैमरों के बंद होने का दावा किया। सुधा भारद्वाज और उनके समर्थकों ने एक तस्वीर भी जारी की, जिसमें मॉनिटर की स्क्रीन ब्लैक नजर आ रही थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि करीब पौने दो घंटे तक कैमरे बंद रहे, जो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
"अगर यही करना था तो चुनाव ही क्यों कराए?": सुधा भारद्वाज का तीखा हमला
कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागते हुए कहा कि अगर इसी तरह 'खेल' करना था, तो चुनाव करवाने का ढोंग बंद कर देना चाहिए। उन्होंने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, "तीन दिन बाद गिनती रखने का मकसद ही यही था कि बीजेपी इसमें गड़बड़ी कर सके।" भारद्वाज के पति संजीव भारद्वाज ने बताया कि सुबह जब उनका बेटा काउंटिंग सेंटर गया, तब यह गड़बड़ी पकड़ी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 24 घंटे निगरानी का नियम है, तो प्रशासन ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे होने दी और इसके लिए कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है?
विधायक चंद्रमोहन ने संभाला मोर्चा, प्रशासन के फूले हाथ-पांव
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन तुरंत स्ट्रांग रूम पहुंचे और अधिकारियों से जवाब-तलब किया। संजीव भारद्वाज ने दोटूक कहा कि ईवीएम के पास प्रशासनिक जवाबदेही अनिवार्य होती है और कैमरों का बंद होना यह दर्शाता है कि कुछ छिपाने की कोशिश की गई है। इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने काउंटिंग सेंटर के बाहर जमकर नारेबाजी भी की। कांग्रेस का कहना है कि प्रशासन तुरंत स्थिति स्पष्ट करे और सभी दलों को भरोसे में लेकर कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक करवाई जाए।
एसडीएम की सफाई: "कैमरे चालू थे, बस टीवी स्क्रीन में दिक्कत थी"
हंगामे के बीच सहायक रिटर्निंग अधिकारी (SDM) संयम गर्ग ने मोर्चा संभाला और सफाई पेश की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरे बंद नहीं हुए थे, बल्कि केवल डिस्प्ले यूनिट में तकनीकी समस्या आने के कारण फुटेज स्क्रीन पर दिखाई नहीं दे रही थी। गर्ग ने कहा, "ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और चुनाव प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बरती जा रही है। किसी भी प्रत्याशी को घबराने की जरूरत नहीं है, हम सभी को संतुष्ट करेंगे।" हालांकि, कांग्रेस इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है और पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की मांग कर रही है।