158 करोड़ का घोटाला: करनाल में खड़ी मिली लेडी अफसर की XUV, पुलिस को चकमा देकर फरार
Mar 29, 2026 2:03 PM
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के बैंक घोटाले की जांच अब एक फिल्मी थ्रिलर का रूप लेती जा रही है। 158 करोड़ रुपये के गबन की आरोपी महिला अधिकारी की तलाश में चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल टीम पिछले दो दिनों से करनाल की खाक छान रही है। पुलिस को तकनीकी सर्विलांस के जरिए सूचना मिली थी कि आरोपी अधिकारी करनाल की चौधरी कॉलोनी स्थित एक मकान में छिपी हुई है। शुक्रवार शाम जब भारी पुलिस बल ने इलाके की घेराबंदी कर मकान नंबर 25 पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। घर के बाहर आरोपी की आलीशान XUV-500 गाड़ी तो खड़ी थी, लेकिन घर के अंदर सन्नाटा पसरा था।
गाड़ी छोड़ फरार हुई आरोपी, पुलिस की मुस्तैदी पर उठे सवाल
चौधरी कॉलोनी के निवासियों के मुताबिक, शनिवार सुबह से ही पुलिस की गाड़ियां इलाके में गश्त कर रही हैं। जिस मकान में दबिश दी गई, वहां कुछ समय से कुछ किरायेदार रह रहे थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपी महिला अधिकारी इन्हीं करीबियों या रिश्तेदारों के पास पनाह लेने आई थी। लेकिन पुलिस के पहुंचने से कुछ घंटे पहले ही वह अपनी गाड़ी वहीं छोड़कर किसी दूसरी गाड़ी या टैक्सी के जरिए फरार हो गई। घर के अंदर न तो वह महिला मिली और न ही वे किरायेदार, जो उसे शरण दिए हुए थे।
पड़ोसियों की जुबानी: "रातों-रात गायब हो गए लोग"
स्थानीय लोगों का कहना है कि शुक्रवार रात पुलिस की हलचल बढ़ने के बाद से ही उस घर में ताला लटका हुआ है। चंडीगढ़ नंबर की सफेद रंग की एक्सयूवी गाड़ी अब पुलिस के लिए इस केस की सबसे बड़ी कड़ी बन गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी महिला किस समय और किस दिशा में निकली है। फिलहाल, चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो महिला की तलाश में करनाल के अलावा आसपास के जिलों में भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
क्या है 158 करोड़ का यह बैंक घोटाला?
यह पूरा मामला पंचकूला नगर निगम के सरकारी खातों से मोटी रकम निजी खातों और अन्य बोगस एंट्रीज के जरिए ट्रांसफर करने से जुड़ा है। शुरुआती जांच में 158 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई थी, जिसके तार निगम के कई बड़े अधिकारियों और बैंक कर्मियों से जुड़े होने की आशंका है। इस मामले में यह महिला अधिकारी मुख्य कड़ी मानी जा रही है, जिसकी गिरफ्तारी से कई रसूखदारों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। फिलहाल, करनाल पुलिस भी इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को इनपुट मुहैया करा रही है, लेकिन आरोपी का हाथ न आना पुलिसिया तंत्र की सक्रियता पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।