पानीपत में सुसाइड: बहू के पहनावे और बेटे की बेरुखी ने छीन ली सास-ससुर की जिंदगी।
May 10, 2026 2:01 PM
पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले के गांव नारा से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों की बुनियाद को हिलाकर रख दिया है। एक घर जिसे बेटे की शादी के बाद खुशियों से चहकना चाहिए था, वहां आज मातम का सन्नाटा है। अपनी बहू के व्यवहार, रहन-सहन और इकलौते बेटे की बेरुखी से आहत होकर एक दंपती (सास-ससुर) ने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतकों की पहचान 46 वर्षीय राजेश और उनकी 44 वर्षीय पत्नी सुमन के रूप में हुई है।
सोशल मीडिया वाली मोहब्बत और घर में 'कलह' की एंट्री
राजेश और सुमन ने अपने इकलौते बेटे आशीष के हर अरमान को तवज्जो दी थी। आशीष को दिल्ली की रहने वाली स्नेहा से फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए प्यार हुआ था। करीब दो साल के रिलेशनशिप के बाद, माता-पिता ने बेटे की खुशी की खातिर जनवरी 2025 में इस लव मैरिज को अरेंज मैरिज का रूप देकर धूमधाम से शादी करवाई थी। उन्हें लगा था कि बहू के आने से आंगन महकेगा, लेकिन शादी के कुछ हफ्तों बाद ही खुशियां 'क्लेश' में बदल गईं।
गांव की मर्यादा बनाम दिल्ली का 'मॉडर्न कल्चर'
विवाद की जड़ स्नेहा का पहनावा और उसका रहन-सहन बताया जा रहा है। दिल्ली के आधुनिक माहौल में पली-बढ़ी स्नेहा को गांव की बंदिशें और मर्यादित पहनावा रास नहीं आ रहा था। ससुर राजेश और सास सुमन अक्सर उसे गांव के माहौल के मुताबिक ढलने की सलाह देते थे, जिसे स्नेहा अपनी आजादी में दखल मानती थी। धीरे-धीरे यह टोका-टाकी घर के रोजमर्रा के झगड़ों में तब्दील हो गई और घर का माहौल जहरीला होता चला गया।
जब बेटा ही बन गया 'पराया', तो टूट गया माता-पिता का हौसला
परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्नेहा न केवल जुबानी जंग करती थी, बल्कि वह अपनी सास सुमन के साथ मारपीट पर भी उतारू हो जाती थी। इस पूरी कहानी का सबसे त्रासद पहलू यह रहा कि जिस बेटे के लिए माता-पिता ने सब कुछ कुर्बान किया, वह आशीष अपनी मां की सिसकियां सुनने के बजाय पत्नी की तरफदारी करता था। शनिवार दोपहर घर में फिर से जबरदस्त हंगामा हुआ। बेटे और बहू के बर्ताव से बुरी तरह टूट चुके राजेश और सुमन ने मानसिक तनाव के चरम पर जाकर सल्फास निगल लिया।
एक घर से उठीं दो अर्थियां, गांव में पसरा सन्नाटा
तबीयत बिगड़ने पर दोनों को पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया। राजेश की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर किया गया, लेकिन रविवार सुबह उन्होंने भी दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत के बाद गांव नारा में चूल्हा तक नहीं जला है। पुलिस अब इस मामले में परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।