पानीपत में बड़ा हादसा: STP प्लांट के मेनहोल में उतरे दो श्रमिकों की जहरीली गैस से मौत
May 05, 2026 1:43 PM
पानीपत। हरियाणा की औद्योगिक नगरी पानीपत में आज सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक सतर्कता की पोल खुल गई। चौटाला रोड स्थित एसटीपी (STP) प्लांट में ब्लॉकेज खोलने की कोशिश दो श्रमिकों के लिए काल बन गई। मिली जानकारी के अनुसार, प्लांट में काफी समय से ब्लॉकेज की समस्या आ रही थी, जिसे दूर करने के लिए सौरव और अजय नाम के दो श्रमिक मेनहोल के भीतर उतरे थे। लेकिन जैसे ही वे गहराई में पहुंचे, वहां जमा अत्यधिक जहरीली गैस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। गैस का असर इतना तेज था कि दोनों को बाहर निकलने या मदद मांगने तक का मौका नहीं मिला और दम घुटने के कारण उन्होंने वहीं तड़पकर दम तोड़ दिया।
जेजेपी नेता की हैचरी में थे कार्यरत, सुरक्षा उपकरणों का अभाव बना मौत की वजह
इस दर्दनाक हादसे की खबर फैलते ही जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्र कादियान मौके पर पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों मृतक सौरव और अजय कादियान की हैचरी में काम करते थे। घटना के बाद प्लांट परिसर में मातम और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का आरोप है कि हरियाणा शहर विकास प्राधिकरण (HSVP) के अधिकारियों ने बिना किसी पीपीई किट, मास्क या ऑक्सीजन सिलेंडर के श्रमिकों को मौत के इस कुएं में धकेल दिया। नियमानुसार, किसी भी मेनहोल या एसटीपी प्लांट की सफाई से पहले गैस डिटेक्टर और सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ इन नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाई दीं।
"यह दुर्घटना नहीं, हत्या है" - देवेंद्र कादियान ने HSVP को घेरा
हादसे पर गहरा शोक जताते हुए जेजेपी नेता देवेंद्र कादियान ने प्रशासनिक अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हुई हत्या है। कादियान ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा है। उनका कहना है कि घर के कमाने वाले सदस्यों की इस तरह मौत ने उनके भविष्य पर अंधेरा कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने फायर ब्रिगेड और अन्य कर्मियों की मदद से शवों को मेनहोल से बाहर निकलवाया और कब्जे में लेकर पानीपत के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयानों और देवेंद्र कादियान की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि क्या काम शुरू करने से पहले अनिवार्य 'वर्क परमिट' लिया गया था और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया।