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पानीपत में आग का कहर: रिसालू रोड पर धागा फैक्ट्री का गोदाम जलकर राख, करोड़ों का नुकसान

May 05, 2026 12:46 PM

पानीपत। पानीपत में सोमवार की रात एक औद्योगिक इकाई के लिए तबाही लेकर आई। रिसालू रोड स्थित एक धागा फैक्ट्री के गोदाम में देर रात करीब 2 बजे अचानक आग लग गई। धागा ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें और धुएं का काला गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दमकल विभाग को दी, जिसके बाद शहर के तमाम फायर स्टेशनों में हड़कंप मच गया।

मलबे में तब्दील हुआ करोड़ों का स्टॉक, ढह गई गोदाम की छत

हादसे में फैक्ट्री मालिक को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि गोदाम में करोड़ों रुपये का धागा स्टॉक किया गया था, जो पूरी तरह जलकर मलबे में तब्दील हो गया है। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गर्मी के कारण गोदाम की मजबूत बिल्डिंग भी टिक नहीं पाई और उसका एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। सूचना मिलते ही सेक्टर-25, रेड लाइट, हाली पार्क और समालखा फायर स्टेशनों से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल अधिकारी अमित कुमार के नेतृत्व में दर्जनों कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला और करीब 5-6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोका।

बिजली आते ही भड़की चिंगारी, शॉर्ट सर्किट की आशंका

दमकल विभाग की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। दमकल अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि रात में आए तेज आंधी-तूफान की वजह से इलाके की बिजली गुल थी। जैसे ही बिजली की सप्लाई बहाल हुई, संभवतः हाई वोल्टेज या शॉर्ट सर्किट के कारण गोदाम में चिंगारी भड़क गई। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से फैक्ट्री के ऑफिस ब्लॉक, लेबर क्वार्टर और करोड़ों रुपये की महंगी मशीनरी को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया, वरना नुकसान का आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता था।

सुरक्षित निकाले गए मजदूर, टला बड़ा जानी नुकसान

राहत की बात यह रही कि जिस वक्त आग लगी, लेबर क्वार्टर में मौजूद मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। फैक्ट्री प्रबंधन अब नुकसान का आकलन करने में जुटा है। हालांकि, पानीपत के औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरी तरह से कूलिंग प्रक्रिया (आग को ठंडा करना) पूरी होने में अभी और समय लग सकता है। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि स्पष्ट हो सके कि क्या गोदाम में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।

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