मोहन लाल बडौली का धमाका: 'कांग्रेस के 12 विधायक थे हमारे संपर्क में', राज्यसभा चुनाव पर नया खुलासा
Mar 20, 2026 3:00 PM
चंडीगढ़ | हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के नतीजे भले ही घोषित हो चुके हों, लेकिन शह-मात का खेल अभी थमा नहीं है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली ने कांग्रेस की 'फूट' पर नमक छिड़कते हुए दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को केवल पांच वोट नहीं मिले, बल्कि कांग्रेस के एक दर्जन विधायक उनके पाले में आने को बेताब थे। बडौली के इस बयान ने कांग्रेस खेमे में हलचल तेज कर दी है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुख्य विपक्षी दल के भीतर अभी और भी 'विभीषण' छिपे हुए हैं?
"हुड्डा के हाथ में थी पर्ची"—वोट रद्द होने पर तीखा हमला
मोहन लाल बडौली ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान हुई धांधली की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस के चार वोट तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि आंतरिक विद्रोह की वजह से रद्द हुए। उन्होंने सीधा हमला नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर बोला। बडौली ने दावा किया, "एक कांग्रेसी विधायक की वोट पर्ची को तो खुद हुड्डा साहब ने अपने हाथ में पकड़ रखा था। कायदे से चुनाव अधिकारी को वह वोट भी रद्द करना चाहिए था। अगर वह वोट रद्द हो जाता, तो सतीश नांदल की जीत बिना किसी रुकावट के पक्की थी।" भाजपा अध्यक्ष का तर्क है कि कांग्रेस का अपने ही विधायकों पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है।
पांचवां नाम छिपाने की कोशिश क्यों?
क्रॉस वोटिंग को लेकर मचे घमासान पर बडौली ने कहा कि शुरुआत में कांग्रेस ने केवल चार बागी विधायकों के नाम सार्वजनिक किए थे, जबकि पांचवें का नाम जानबूझकर दबाया गया। उन्होंने सवाल उठाया, "यह पांचवां विधायक आखिर कौन है जो हुड्डा साहब से भी बड़ा हो गया कि उसका नाम छिपाने की नौबत आ गई? बाद में जब जनता और मीडिया का दबाव बढ़ा, तब जाकर सच्चाई सामने आई।" बडौली के अनुसार, सतीश नांदल ने भाजपा, इनेलो और कांग्रेस—तीनों ही दलों के विधायकों से व्यक्तिगत तौर पर समर्थन मांगा था और उन्हें भारी रिस्पॉन्स भी मिला था।
इनेलो की भूमिका पर भी 'धुंध'
इस सियासी ड्रामे में इनेलो की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। गन्नौर के निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान ने पहले ही दावा किया था कि अभय सिंह चौटाला को भरोसे में लेकर ही सतीश नांदल का नामांकन हुआ था, लेकिन ऐन वक्त पर इनेलो के विधायकों ने भी 'धोखा' दे दिया। हालांकि, इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने इन दावों को खारिज किया है, पर खुद सतीश नांदल ने पुष्टि की है कि उन्होंने अभय चौटाला से भी वोट मांगे थे।
निष्कर्ष: 2026 के विधानसभा चुनाव का ट्रेलर?
भाजपा अध्यक्ष के इन दावों से यह स्पष्ट है कि सत्ताधारी दल कांग्रेस की अंतर्कलह को जनता के बीच पूरी तरह भुनाने की तैयारी में है। 12 विधायकों का संपर्क में होना महज एक बयान है या कांग्रेस की जड़ें खोखली करने की रणनीति, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। फिलहाल, राज्यसभा चुनाव की यह 'चुनावी रंजिश' आने वाले विधानसभा सत्र और संगठन की बैठकों में कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनने वाली है।