चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आज सोमवार 2 फरवरी को शीर्ष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद मजीठिया के समर्थकों में राहत और राजनीतिक हलकों में हलचल देखने को मिली। जमानत की जानकारी शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने सार्वजनिक रूप से दी।
करीब सात महीने से नाभा जेल में थे बंद
बिक्रम मजीठिया बीते करीब सात महीनों से नाभा जेल में बंद थे। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज है, जिसकी जांच चल रही है। इससे पहले उन्हें निचली अदालतों से राहत नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों पहुंचे नाभा जेल
जमानत मिलने के दिन ही एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब डेरा ब्यास के प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों नाभा जेल पहुंचे और बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। यह मुलाकात इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि पहली बार डेरा प्रमुख ने नाभा जेल पहुंचने पर वहां मौजूद पत्रकारों से बातचीत की।
डेरा प्रमुख का बयान: “सब गलत है, सारी बातें बाहर नहीं बताई जातीं”
पत्रकारों से बातचीत में गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर बहुत कुछ गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “अंदर जो बातें होती हैं, वे सारी बाहर नहीं बताई जातीं।” उनके इस बयान को मजीठिया के समर्थन और मामले की संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार की प्रतिक्रिया: जमानत का मतलब बरी होना नहीं
उधर, पंजाब सरकार की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया कि जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी बरी हो गया है। उन्होंने कहा कि बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और कानून अपना काम करेगा। सरकार ने यह भी दोहराया कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी मजबूती से आगे बढ़ाई जाएगी।
राजनीतिक हलकों में तेज हुई बयानबाज़ी
मजीठिया को जमानत मिलने के बाद पंजाब की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। जहां शिरोमणि अकाली दल इसे न्याय की जीत बता रहा है, वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी इस मामले को कानून के दायरे में लंबी लड़ाई करार दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।