चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की आज थोड़ी देर में पटियाला की नाभा जेल से रिहाई होने जा रही है। मजीठिया की रिहाई को लेकर नाभा जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मोहाली कोर्ट में उनकी रिहाई से जुड़ी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं, जिसके बाद उनके वकील नाभा जेल के लिए रवाना हो चुके हैं। हालांकि, कागजी प्रक्रिया और जेल की औपचारिकताओं के चलते रिहाई में कुछ समय लग सकता है।



पटियाला गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकेंगे मजीठिया 

जेल से बाहर आने के बाद मजीठिया सबसे पहले पटियाला स्थित गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकेंगे। इसके बाद उनके अमृतसर या चंडीगढ़ जाने की संभावना जताई जा रही है। मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट से कल जमानत मिली थी। उनके वकील का कहना है कि अब ट्रायल कोर्ट तय प्रक्रिया के तहत जमानत की कुछ शर्तें तय कर सकती है, जिनका पालन मजीठिया को करना होगा। मजीठिया की रिहाई को लेकर अकाली दल कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। नाभा जेल से लेकर अमृतसर स्थित उनके आवास तक स्वागत की जोरदार तैयारियां की गई हैं। गौरतलब है कि मजीठिया बीते करीब 7 महीनों से नाभा जेल में बंद थे।



मजीठिया की रिहाई के बाद सियासत गरमाई

इधर, मजीठिया की रिहाई से पहले सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। जमानत मिलने से एक दिन पहले डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो ने जेल में मजीठिया से मुलाकात की थी। जेल से बाहर आकर उन्होंने मजीठिया पर दर्ज ड्रग्स और अन्य मामलों को गलत करार दिया था। इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया। इसी को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिना नाम लिए सोशल मीडिया पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि “मुलाकाती ही जज बन गए”, जिसे सीधे तौर पर डेरा मुखी की टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है। सीएम के इस तंज के बाद एक बार फिर मजीठिया की रिहाई और उससे जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

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