Punjab News: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए आप मंत्री 7 दिनों की ईडी रिमांड पर, आप कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
May 10, 2026 1:31 PM
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। ईडी की टीम ने शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा और करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद शाम करीब 5 बजे उन्हें दिल्ली ले जाया गया। देर रात गुरुग्राम की अदालत में पेशी के बाद अदालत ने ईडी को 7 दिन की रिमांड दे दी। अब मंत्री को 16 मई को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा के खिलाफ राज्यभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद लुधियाना, जालंधर और अन्य जिलों में AAP कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालयों का घेराव किया। लुधियाना में भाजपा और AAP कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। प्रदर्शन के दौरान AAP समर्थकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका और विरोध जताया। वहीं जालंधर में भी ED कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की गई।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए कर रही है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है और ED को राजनीतिक मकसद से इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की कोशिश है।
संजीव अरोड़ा के वकील अर्जुन ने अदालत में कहा कि ED ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल 7 दिन की अनुमति दी। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसी ने पर्याप्त जांच के बिना जल्दबाजी में गिरफ्तारी की। वकील के अनुसार 5 मई को केस दर्ज किया गया और 9 मई को गिरफ्तारी कर ली गई। उन्होंने अदालत में कहा कि पहले हुई रेड में कुछ भी बरामद नहीं हुआ था और एजेंसी केवल दो मोबाइल फोन लेकर गई थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए ED के पास ठोस साक्ष्य नहीं हैं।
फर्जी एक्सपोर्ट और GST घोटाले के आरोप
ED ने दावा किया है कि संजीव अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए करीब 157.12 करोड़ रुपए की फर्जी मोबाइल बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए। एजेंसी के अनुसार इन लेनदेन का इस्तेमाल दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए किया गया। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी GST खरीद बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट रिफंड का गलत फायदा लिया गया। ED का कहना है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया। मामले में दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर छापेमारी की गई है।
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। राज्य में सत्तारूढ़ AAP और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल ED की पूछताछ जारी है और एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।