Punjab News: अमृतसर-जालंधर में पेट्रोल पंपों पर भीड़, लोग टैंक करा रहे फुल, लुधियाना-पठानकोट में हालात नॉर्मल
Mar 27, 2026 12:07 PM
चंडीगढ़: पंजाब में पेट्रोल और डीजल को लेकर अचानक हलचल तेज हो गई है, जहां अमृतसर और जालंधर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच लोगों में ईंधन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। वहीं लुधियाना और पठानकोट में फिलहाल हालात सामान्य बने हुए हैं, जबकि चंडीगढ़ में प्रशासन ने ड्रम में डीजल देने पर रोक लगा दी है।
भीड़ के पीछे की वजह
अमृतसर और जालंधर में अचानक बढ़ी भीड़ के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय हालात और संभावित आपूर्ति संकट की आशंका है। पठानकोट में पेट्रोल पंप पर पहुंचे एक उपभोक्ता ने बताया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग पहले से तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने की बात कही थी, जिससे लोगों में सतर्कता और बढ़ गई है।
कीमतों में हालिया बदलाव
इससे पहले एक निजी कंपनी नायरा ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में 5 रुपए और डीजल में 3 रुपए तक की बढ़ोतरी की। हालांकि इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने फिलहाल अपने रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके बावजूद बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
अफवाहों का भी असर
गुरुवार देर रात अमृतसर, मोगा और जालंधर में अफवाहों के चलते पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। कई जगहों पर लोगों ने जल्दी-जल्दी ईंधन भरवाने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए अव्यवस्था भी देखने को मिली। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्थिति को सामान्य बनाए रखें।
केंद्र सरकार का फैसला
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की है। इसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए से घटकर 3 रुपए रह गई है, जबकि डीजल पर यह 10 रुपए से घटकर शून्य हो गई है। हालांकि इस कटौती का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को कीमतों में कमी के रूप में नहीं मिलेगा।
क्यों नहीं घटेंगे दाम
सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया गया है। इसका उद्देश्य तेल कंपनियों को घाटे से बचाना और उन्हें कीमतें न बढ़ाने के लिए संतुलन देना है। ऐसे में फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना कम है, लेकिन आपूर्ति और कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश जारी है।