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Punjab News: पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को गुरुग्राम कोर्ट ने 2 दिन की ED रिमांड पर भेजा, 9 मई को रेड के बाद गिरफ्तार हुए

May 16, 2026 2:28 PM

चंडीगढ़: पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को गुरुग्राम की जिला अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दो दिन की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने कोर्ट से पांच दिन की हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल दो दिन की रिमांड मंजूर की। एजेंसी अब उनसे कथित वित्तीय अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों और जीएसटी हेराफेरी से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। मामला मोबाइल फोन कारोबार और शेल कंपनियों के जरिए किए गए कथित फर्जी लेनदेन से जुड़ा बताया जा रहा है।

9 मई को हुई थी बड़ी छापेमारी

ईडी ने 9 मई को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में एक साथ कार्रवाई करते हुए संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने दिल्ली और गुरुग्राम के कुल पांच ठिकानों को भी सर्च किया था। छापेमारी के बाद ईडी ने मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। एजेंसी के अनुसार शुरुआती जांच में वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों में कई संदिग्ध बातें सामने आईं। इसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जीवाड़े में किन-किन कंपनियों और लोगों की भूमिका रही।

ईडी का आरोप है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी फर्मों के जरिए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद-बिक्री में बड़े स्तर पर जीएसटी हेराफेरी की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री दिखाई गई। जांच में यह भी दावा किया गया है कि शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट दिखाकर टैक्स लाभ लेने की कोशिश की गई। ईडी अब इन कंपनियों के बैंक खातों, लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई ट्रांजैक्शन संदिग्ध पाए गए हैं और इनके जरिए धन के प्रवाह को समझने की कोशिश की जा रही है।

रिमांड के दौरान होगी पूछताछ

ईडी रिमांड के दौरान संजीव अरोड़ा से कथित फर्जी कंपनियों, जीएसटी इनवॉइस और कारोबारी लेनदेन को लेकर विस्तार से पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह भी जानने का प्रयास करेगी कि क्या इस पूरे नेटवर्क में अन्य कारोबारी या बिचौलिए भी शामिल थे। 

सूत्रों के मुताबिक ईडी कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी करवा रही है। जांच के दौरान मिले डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग डेटा को खंगाला जा रहा है। एजेंसी आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

मंत्री की गिरफ्तारी और ईडी कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि अभी तक मंत्री या उनके कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि रिमांड के दौरान जुटाए गए सबूत आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले दस्तावेजों के लिए अहम साबित होंगे। फिलहाल पूरा मामला ईडी की जांच के दायरे में है और एजेंसी आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

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