Rajasthan News: कोटा में शिक्षा सुधार को लेकर बड़ा फैसला, 300 नए स्कूल भवन और जर्जर स्कूलों की मरम्मत पर 410 करोड़ खर्च होंगे
May 01, 2026 3:34 PM
कोटा: राजस्थान के कोटा में शुक्रवार को शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने स्व जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज की और जनसुनवाई की। निगम उपायुक्त की मौजूदगी में उन्होंने जनगणना प्रक्रिया पूरी की और मीडिया से बातचीत में राज्यभर में शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की योजनाओं का खुलासा किया। मंत्री ने बताया कि बिना भवन संचालित हो रहे 300 स्कूलों के लिए सरकार ने 410 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इन परियोजनाओं में कोटा जिले की 6 स्कूलें भी शामिल हैं, जहां करीब 12 करोड़ रुपए की लागत से नए भवन बनाए जाएंगे।
मंत्री दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों के पास भवन नहीं हैं, वहां जल्द निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके अलावा प्रदेश के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का अलग बजट जारी किया गया है। सरकार अभियान चलाकर स्कूलों को पट्टे देने की भी योजना बना रही है, जिससे भूमि से जुड़े विवाद खत्म होंगे और विकास कार्य तेज होंगे।
मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री दिलावर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि राज्य में भाजपा के पक्ष में माहौल बन चुका है और बंपर वोटिंग बदलाव का संकेत है। दिलावर ने कहा कि यह लहर वोट में बदल चुकी है और 4 मई को आने वाले नतीजों में भाजपा की सरकार बनेगी। हालांकि यह बयान राजनीतिक आकलन के तौर पर सामने आया है। कोटा जिले की जाखोड़ा पंचायत में तालाब की पाल तोड़कर मिट्टी बेचने के मामले पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि तत्कालीन सरपंच द्वारा अवैध खनन से तालाब को भारी नुकसान हुआ और पानी बह गया। इस मामले में सरपंच (प्रशासक) को निलंबित कर दिया गया है और दूसरे पंच को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पूरी भरपाई दोषी से वसूली जाएगी।
मंत्री दिलावर ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट उनके सामने आ चुकी है, जिसमें स्पष्ट हुआ है कि तालाब को गंभीर क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि जितना भी आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान हुआ है, उसकी वसूली संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति से की जाएगी। पानी के नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है ताकि पूरी जिम्मेदारी तय की जा सके। मंत्री ने कहा कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान वे मंत्री पद पर नहीं थे और राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। उन्होंने कहा कि उस समय के अधिकारियों और मंत्रियों ने क्या कदम उठाए, इस पर वे टिप्पणी नहीं करना चाहते। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार इस मामले में पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।