जयपुर: राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़ी के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी की एसआईटी ने आरोपी गणपति ट्यूबवेल के प्रोपराइटर महेश कुमार मित्तल, हेमन्त मित्तल उर्फ गोलू, श्याम ट्यूबवेल के उमेश कुमार शर्मा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के तत्कालीन लेखाधिकारी गोपाल कुमावत व श्याम ट्यूबवेल के प्रोपराइटर (मालिक) पीयूष जैन को आज गिरफ्तार किया गया।


इस संबंध में दर्ज मुकदमे के अनुसार फर्म श्याम ट्यूबवेल, इसके प्रोपराइटर पदम चन्द जैन व गणपति ट्यूबवेल तथा इसके प्रोपराइटर महेश कुमार मित्तल ने पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता माया लाल सैनी (खण्ड बहरोड), सहायक अभियंता राकेश चौहान (उपखण्ड नीमराना) व कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार (उपखण्ड नीमराना) से मिलीभगत कर जल जीवन मिशन परियोजना में निविदा प्राप्त की थी।


ऐसा आरोप है कि इन्होंने काम में अनियमितता व घटिया कार्य कर मनमानी तरीके से 'मेजरमेंट बुक' भरकर राजकोष से करोड़ों रुपये प्राप्त किये। इन सभी लोगों की आपसी बातचीत एसीबी द्वारा रिकॉर्ड की गई है जिसमें इनकी मिलीभगत होने के साक्ष्य मिले है। आरोपियों की बातचीत से इनके द्वारा राजकोष से अनियमितता कर धनराशि प्राप्त करने और विभागीय अधिकारियों को रिश्वत देकर अनुचित निजी लाभ कमाने का पता चला है। टीम ने इस मामले में फरार चल रहे पांच आरोपियों को आज जयपुर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ कर मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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