Rajasthan News: बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार और आत्महत्या, जोधपुर में दो गिरफ्तार
May 18, 2026 5:08 PMजोधपुर: राजस्थान में दो बहनों के साथ कथित बलात्कार के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों बहनों ने पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी कथित तौर पर अनदेखी किए जाने के बाद आत्महत्या कर ली। इनमें से छोटी बहन ने 15 मई को आरोपी व्यक्तियों के गांव में एक पानी की टंकी पर चढ़कर कीटनाशक का सेवन किया। उसने यह आरोप लगाया कि आरोपी व्यक्तियों ने कई वर्ष तक उसके और उसकी बहन के साथ कई बार बलात्कार किया था और पुलिस ने उनकी शिकायतों पर आंख मूंद ली। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में उसने आरोप लगाया कि आरोपी अब उसका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं और उसकी बड़ी बहन के वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर उससे पैसे वसूल रहे हैं।
उसकी बड़ी बहन ने 20 मार्च को आत्महत्या की थी। छोटी बहन की आत्महत्या से आक्रोश फैल गया, जिसके चलते उसके क्रुद्ध परिवारवालों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे शवगृह के बाहर जमा हो गए और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और परिवार को मुआवजे की मांग करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की समय पर कार्रवाई से इन दो मौतों को रोका जा सकता था। सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) (जोधपुर ग्रामीण) भोपाल सिंह लखावत ने सोमवार को बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दो आरोपी उन आठ लोगों में शामिल हैं जिनके खिलाफ महिला के भाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। महिला के परिवार के अनुसार, छोटी बहन ने 11 अप्रैल को खेदापा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि आठ पुरुषों ने उसके साथ बलात्कार किया था। हालांकि, बार-बार शिकायतें और अपील करने के बावजूद, एक महीने से अधिक समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सात मई को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर स्थानीय पुलिस पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। 10 मई से उन्हें व्हाट्सएप कॉल और संदेशों के जरिए धमकियां मिलनी शुरू हो गईं और इसकी जानकारी पुलिस को भी दी गई। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई महिला ने पन्द्रह मई को कीटनाशक पी लिया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। बढ़ती आलोचनाओं के बीच, इस मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी को सौंप दी गई है। पुलिस ने बताया कि बावड़ी चौकी के प्रभारी धर्मेंद्र को जांच लंबित रहने तक लाइन हाजिर कर दिया गया है। संबंधित अन्य अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।