Haryana Cabinet Decisions: हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, बीसीए-बीसीबी सर्टिफिकेट हुए वैध, एनसीआर में चलेंगी सिर्फ सीएनजी-ईवी गाड़ियां
May 18, 2026 4:45 PM
हरियाणा। हरियाणा सचिवालय में सोमवार को सत्ता के गलियारों में जबरदस्त हलचल रही। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक करीब छह घंटे तक खिंची, जो इस बात का संकेत है कि सरकार आगामी चुनावों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कितनी गंभीर है। बैठक के बाद खुद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस बैठक में कुल 27 अहम एजेंडे मेज पर थे, जिन पर गहन मंथन के बाद सर्वसम्मति से मुहर लगा दी गई है। सरकार ने इस बार छात्र वर्ग, ग्रामीण महिलाओं और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखकर अपनी प्राथमिकताओं का खाका खींचा है।
छात्रों को मिली बड़ी राहत; बीसीए-बीसीबी प्रमाण पत्र रहेंगे वैध
नौकरी और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे प्रदेश के युवाओं के लिए सरकार ने एक बड़ा गतिरोध दूर कर दिया है। तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से लटके रहने वाले बीसीए (BCA) और बीसीबी (BCB) श्रेणियों के क्रीमीलेयर व जाति प्रमाणपत्रों को सरकार ने अब पूरी तरह वैध और स्वीकार्य मानने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद आरक्षित वर्ग के हजारों छात्रों को दाखिलों और सरकारी भर्तियों के दौरान दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में सुधार करते हुए तय किया गया है कि फील्ड कैडर के पदों को अब केवल पदोन्नति (प्रमोशन) और प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के माध्यम से ही भरा जाएगा।
प्रदूषण पर कड़ा प्रहार: हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में अब सिर्फ सीएनजी और ईवी
दिल्ली-एनसीआर में हर साल गहराते स्मॉग और प्रदूषण के संकट को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। नए नियमों के मुताबिक, हरियाणा के जो भी जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आते हैं, वहां अब पारंपरिक डीजल और पेट्रोल की पुरानी गाड़ियों के संचालन को धीरे-धीरे सीमित किया जाएगा। कैबिनेट ने साफ कर दिया है कि इन इलाकों में अब मुख्य रूप से सीएनजी, इलेक्ट्रिक और पर्यावरण अनुकूल ईंधन से चलने वाली गाड़ियां ही वैध मानी जाएंगी। इस फैसले का सीधा असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जैसे भारी ट्रैफिक वाले जिलों पर पड़ेगा।
चंडीगढ़ का खेल खत्म; हरियाणा में भी अब 100% फ्री हुआ ईवी रजिस्ट्रेशन
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए परिवहन विभाग के जिस क्रांतिकारी प्रस्ताव को परिवहन मंत्री अनिल विज ने हरी झंडी दी थी, आज कैबिनेट ने उस पर अंतिम मुहर लगा दी है। अब तक हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रजिस्ट्रेशन फीस में महज 20 फीसदी की आंशिक छूट मिलती थी। लेकिन पड़ोसी राज्य चंडीगढ़ और दिल्ली में 100% छूट होने के कारण हरियाणा के लोग फर्जी रेंट डीड (किरायानामा) बनवाकर अपनी गाड़ियां चंडीगढ़ में रजिस्टर करवा रहे थे, जिससे हरियाणा को राजस्व का नुकसान हो रहा था।
अब इस दबाव और बजट घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार ने हरियाणा में भी दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों का रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह (100%) माफ कर दिया है। हालांकि, इस चालू ड्राफ्ट में सीधे कैश सब्सिडी का प्रावधान नहीं है, लेकिन उद्योग विभाग द्वारा तैयार की जा रही 'औद्योगिक नीति 2026' के तहत आने वाले दिनों में ईवी खरीदारों को नकद सब्सिडी देने का रास्ता भी साफ किया जा सकता है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उद्योगों के लिए भी खुले रास्ते
ग्रामीण अंचल में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने फैसला किया है कि स्वयं सहायता समूहों (SHG) को डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि पट्टे (लीज) पर दी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ, औद्योगिक क्षेत्रों में सालों से बनी अनधिकृत कॉलोनियों में काम कर रहे छोटे उद्यमियों को राहत देते हुए उन्हें एक विशेष नीति के दायरे में लाकर नियमित करने की मंजूरी दे दी गई है।