Search

Narendra Singh Mountaineer: हरियाणा के नरेंद्र सिंह यादव ने मेक्सिको में रचा इतिहास, अमेरिका की सबसे ऊंची ज्वालामुखीय चोटी पर फहराया तिरंगा

Jun 01, 2026 1:31 PM

रेवाड़ी। हरियाणा की माटी ने देश को कई ऐसे लाल दिए हैं जिन्होंने अपनी जिद और जुनून से दुनिया के ऊंचे से ऊंचे शिखरों को झुकने पर मजबूर कर दिया। इसी कड़ी में रेवाड़ी के रहने वाले युवा पर्वतारोही नरेंद्र सिंह यादव का नाम एक बार फिर दुनिया भर में गूंज रहा है। नरेंद्र ने उत्तरी अमेरिका के मेक्सिको में स्थित सबसे ऊंचे सक्रिय ज्वालामुखी पर्वत 'पिको डी ओरिजाबा' की 5,636 मीटर ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर देश का गौरव बढ़ाया है। 26 मई को भारत की सरजमीं से मेक्सिको के लिए उड़ान भरने वाले नरेंद्र ने महज पांच दिनों के भीतर, यानी 30 मई 2026 की सुबह 10:14 बजे इस दुर्गम शिखर को चूमकर वहां भारत का राष्ट्रध्वज लहरा दिया।

आधे से ज्यादा पर्वतारोहियों ने घुटने टेके, भारतीय जांबाज के आगे झुका पहाड़

इस अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान की कमान खुद नरेंद्र सिंह यादव के हाथों में थी। 'एनएसवाई आउटडोर' द्वारा आयोजित इस बेहद जोखिम भरे मिशन में दुनिया भर के मंझे हुए 12 पर्वतारोहियों को शामिल किया गया था। मेक्सिको सिटी और प्यूएबला होते हुए जब यह दल बेस कैंप से आगे बढ़ा, तो प्रकृति ने अपने सबसे क्रूर रंग दिखाने शुरू कर दिए। बर्फीले तूफान और पहाड़ों की अनिश्चितता का आलम यह था कि दल के 5 सदस्यों को बीच रास्ते से ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। लेकिन नरेंद्र के हौसलों के आगे मौसम की एक न चली और वे बाकी के 6 पर्वतारोहियों को सुरक्षित संभालते हुए शिखर तक ले गए।

जमा देने वाली ठंड और खड़ी चढ़ाई: मौत को मात देकर पूरा किया 'समिट पुश'

इस पूरे सफर का सबसे खौफनाक हिस्सा 'सिंगल पैच समिट पुश' रहा। इस अंतिम चरण में पर्वतारोहियों को करीब 1400 मीटर की ऐसी खड़ी चढ़ाई पार करनी थी, जहां एक मामूली चूक भी सीधे मौत के मुंह में ले जा सकती थी। इस दौरान वहां का तापमान गिरकर शून्य से 15 से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे (माइनस 20°C) जा चुका था। हाड़ कपाने वाली इस ठंड के साथ चल रही बर्फीली हवाओं ने ऑक्सीजन के स्तर को बेहद कम कर दिया था। लेकिन विपरीत परिस्थितियों को ही अपना हमसफर मानने वाले नरेंद्र ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आखिरकार दुर्गम भू-भाग पर फतह हासिल कर ही ली।

दो बार एवरेस्ट जीतने वाले नरेंद्र का अब है 'ग्रैंड स्लैम' पर निशाना

नरेंद्र सिंह यादव का नाम पर्वतारोहण की दुनिया में नया नहीं है। वह भारत के ऐसे पहले युवा पुरुष पर्वतारोही हैं, जो सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों (सेवन समिट्स) पर तिरंगा फहरा चुके हैं। इतना ही नहीं, दुनिया की सबसे ऊंची और खतरनाक मानी जाने वाली माउंट एवरेस्ट की चोटी को भी वह दो बार नाप चुके हैं। दरअसल, पिको डी ओरिजाबा की यह चढ़ाई उनके महत्वाकांक्षी "सेवन वोल्कैनिक समिट्स प्रोजेक्ट" का एक अहम हिस्सा है। नरेंद्र का अगला और अंतिम लक्ष्य दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित 'एक्सप्लोरर्स ग्रैंड स्लैम' और सातों महाद्वीपों के ज्वालामुखियों को फतह कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम अमर करना है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!