टी20 वर्ल्ड कप: अक्षर पटेल बनाम वॉशिंगटन सुंदर, आंकड़े क्या कहते हैं
Feb 25, 2026 1:13 PM
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के 10वें एडिशन में भारतीय टीम के दो स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर चर्चा के केंद्र में हैं। सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अक्षर पटेल को प्लेइंग-11 से बाहर कर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया। हालांकि इस मैच में सुंदर प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसके बाद चयन रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।
सुपर-8 में चयन पर उठे सवाल
अक्षर पटेल को इस टूर्नामेंट के लिए सूर्यकुमार यादव का डिप्टी यानी वाइस कैप्टन बनाया गया था। इसके बावजूद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम मैच में उन्हें बाहर बैठाना कई क्रिकेट विशेषज्ञों को चौंकाने वाला फैसला लगा।
वॉशिंगटन सुंदर उस मुकाबले में न तो बल्ले से और न ही गेंद से खास योगदान दे सके। इसके बाद टीम मैनेजमेंट की रणनीति को लेकर बहस तेज हो गई है और अक्षर पटेल जैसे इम्पैक्ट खिलाड़ी को बाहर करने पर सवाल उठ रहे हैं।
टी20 इंटरनेशनल में अक्षर पटेल का रिकॉर्ड
अक्षर पटेल अब तक भारत के लिए 90 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। उन्होंने लगभग 19 की औसत और 135 की स्ट्राइक रेट से 700 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है।
गेंदबाजी में उन्होंने 84 पारियों में 7.29 की इकॉनमी से 92 विकेट लिए हैं। उनके आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ किफायती गेंदबाज ही नहीं, बल्कि नियमित विकेट लेने वाले स्पिनर भी हैं, जो उन्हें एक संतुलित ऑलराउंडर बनाते हैं।
वॉशिंगटन सुंदर का टी20 इंटरनेशनल प्रदर्शन
तमिलनाडु के वॉशिंगटन सुंदर ने 2017 में भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था। अब तक वह 60 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 16.56 की औसत और 132.50 की स्ट्राइक रेट से 265 रन बनाए हैं और एक अर्धशतक लगाया है।
गेंदबाजी में सुंदर ने 56 पारियों में 6.98 की इकॉनमी से 51 विकेट हासिल किए हैं। उनकी इकॉनमी बेहतर है, लेकिन विकेट लेने के मामले में वह अक्षर पटेल से पीछे नजर आते हैं।
आंकड़ों से क्या संकेत मिलते हैं
दोनों खिलाड़ियों के आंकड़ों की तुलना करें तो अक्षर पटेल बल्लेबाजी और विकेट लेने के मामले में आगे दिखाई देते हैं। वहीं वॉशिंगटन सुंदर की ताकत किफायती गेंदबाजी और पावरप्ले में नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता में दिखती है।
टीम संयोजन और परिस्थितियों के आधार पर चयन बदल सकता है, लेकिन मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली रहा है। यही वजह है कि सुपर-8 मुकाबले के बाद चयन को लेकर बहस और तेज हो गई है।