मंगोलिया में हरियाणा की बेटियों का जलवा: एशियन मुक्केबाजी में प्रीति, प्रिया और मीनाक्षी ने जीते गोल्ड
Apr 10, 2026 4:11 PM
हरियाणा। खेलो इंडिया से लेकर ओलंपिक तक, जब भी रिंग में मुक्कों की गूंज सुनाई देती है, हरियाणा की 'छोरियों' का नाम सबसे ऊपर आता है। एक बार फिर सात समंदर पार मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में हरियाणा की मुक्केबाजों ने अपनी चमक बिखेरी है। भारतीय महिला मुक्केबाजी दल ने इस प्रतियोगिता में दबदबा कायम रखते हुए 4 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते, जिनमें से अधिकांश पदक हरियाणा की बेटियों के नाम रहे।
प्रीति पंवार का 'पंच': विश्व चैंपियन को दी पटखनी
इस चैंपियनशिप की सबसे चर्चित जीत 54 किलोग्राम भारवर्ग में रही। भिवानी जिले के गांव बड़ेसरा की बेटी प्रीति पंवार ने फाइनल मुकाबले में ताइवान की उस मुक्केबाज को मात दी, जो तीन बार विश्व चैंपियन रह चुकी है। प्रीति ने पूरे मैच में आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया और 5-0 के एकतरफा अंतर से गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। साल 2017 में ग्लव्स थामने वाली प्रीति की इस सफलता ने साबित कर दिया है कि वह भविष्य की बड़ी स्टार हैं।
प्रिया और मीनाक्षी का स्वर्णिम प्रहार
वहीं, 60 किलोग्राम भारवर्ग में भिवानी के ही गांव धनाना की प्रिया घणघस ने अपनी तकनीक और फुर्ती का परिचय देते हुए उत्तर कोरिया की उन ग्योंग वोन को 3-0 से पराजित किया। प्रिया की जीत की खबर जैसे ही गांव पहुँची, वहां ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न शुरू हो गया। इसी कड़ी में 48 किलोग्राम भारवर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने भी मेजबान मंगोलिया की मुक्केबाज नोमुंदारी को 5-0 से हराकर सोने का तमगा अपने नाम किया।
जैस्मिन को मिला सिल्वर, अरुंधति और अल्फिया ने भी दिखाया दम
भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात जैस्मिन लंबोरिया को इस बार सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। फाइनल में थाईलैंड की मुक्केबाज पुनरावी के खिलाफ जैस्मिन ने कड़ा संघर्ष किया, लेकिन स्कोर उनके पक्ष में नहीं रहा। राजस्थान की अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने भी कजाकिस्तान की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड जीता, जबकि 80+ किलोग्राम वर्ग में अल्फिया पठान ने सिल्वर मेडल हासिल किया।
इन बेटियों की कामयाबी पर पूरा देश गर्व कर रहा है। भिवानी के खेल प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों का कहना है कि यह जीत आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भारतीय मुक्केबाजी का मनोबल बढ़ाने वाली है। मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने भी सोशल मीडिया के जरिए विजेता बेटियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।