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तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज, DMK-AIADMK गठबंधन पर विधायकों ने दी इस्तीफे की चेतावनी

May 08, 2026 1:04 PM

तिरुवनंतपुरम: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक स्थिति अब भी साफ नहीं हो पाई है। अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से कुछ सीटें पीछे है। इसी बीच DMK और AIADMK के संभावित गठबंधन की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति को और गरमा दिया है। TVK ने साफ कहा है कि अगर दोनों द्रविड़ दल मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे।

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पिछले दो दिनों में DMK और AIADMK नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। इसके बाद यह चर्चा तेज हुई कि दोनों दल TVK को सत्ता से दूर रखने के लिए साथ आ सकते हैं। हालांकि दोनों पार्टियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। TVK नेताओं का आरोप है कि राज्य की पारंपरिक द्रविड़ पार्टियां जनता के जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। पार्टी का कहना है कि सबसे ज्यादा जनसमर्थन मिलने के बावजूद उन्हें सरकार बनाने से रोकने की कोशिश की जा रही है।

राजभवन के बाहर TVK समर्थकों का प्रदर्शन

शुक्रवार सुबह चेन्नई स्थित राजभवन के बाहर TVK समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राज्यपाल से विजय को सरकार बनाने का मौका देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई समर्थकों को हिरासत में लिया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। चेन्नई के राजभवन और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। TVK कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका देना चाहिए।

राज्यपाल ने मांगा बहुमत का समर्थन

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार को दूसरी बार विजय से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने TVK प्रमुख से स्पष्ट कहा कि सरकार बनाने का दावा तभी स्वीकार किया जाएगा जब वे 118 विधायकों का समर्थन पत्र पेश करेंगे। विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है और TVK फिलहाल उससे नीचे है। हालांकि राज्यपाल ने विजय को यह भरोसा भी दिया कि जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, किसी अन्य दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं किया जाएगा। इसके बाद TVK खेमे में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।

बहुमत जुटाने की कोशिश में विजय

TVK लगातार अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। चुनाव में पार्टी ने 108 सीटें हासिल की थीं, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है। कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने का संकेत दिया है, लेकिन वाम दलों और कुछ अन्य सहयोगियों ने अभी स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में यह स्थिति राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। पहली बार पारंपरिक DMK-AIADMK राजनीति के बीच कोई नई पार्टी सत्ता के करीब पहुंची है।

चेन्नई से लेकर दिल्ली तक तमिलनाडु की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता ने राजनीतिक माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है। TVK समर्थकों के प्रदर्शन और गठबंधन की चर्चाओं के बीच अगले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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