Search

Gurugram Zepto Protest: गुरुग्राम में जेप्टो डिलीवरी बॉय की मौत पर भारी हंगामा, डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर शव रख प्रदर्शन

Jun 14, 2026 6:44 PM

गुरुग्राम। गुरुग्राम की सड़कों पर रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, लेकिन इस बार एक सड़क हादसे ने कॉर्पोरेट दावों और गिग वर्कर (डिलीवरी पार्टनर्स) की सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है। शनिवार की रात ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले जेप्टो कंपनी के एक डिलीवरी बॉय की मौत के बाद रविवार को शहर में जमकर बवाल हुआ। रोष से भरे सैकड़ों डिलीवरी बॉयज और मृतक के परिजनों ने गुरुग्राम स्थित कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर को चारों तरफ से घेर लिया। उन्होंने सीधे तौर पर कंपनी प्रबंधन पर संवेदनहीनता और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मृतक का शव सेंटर के मुख्य द्वार पर रख दिया, जिससे वहां कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

डिलीवरी देने जा रहा था युवक, अज्ञात वाहन ने सड़क पर कुचला

हादसा शनिवार देर रात का है, जब पूरा शहर सो रहा था लेकिन 10 मिनट में सामान पहुंचाने के दबाव के बीच यह डिलीवरी बॉय अपनी बाइक पर ऑर्डर लेकर निकला था। रास्ते में एक अज्ञात और बेलगाम वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया।

राहगीरों की सूचना पर पहुंची गुरुग्राम पुलिस ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार दोपहर को पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद शांतिपूर्ण दिखने वाला यह मामला अचानक एक बड़े आंदोलन में बदल गया।

15 लाख के मुआवजे की मांग, कंपनी की नीतियों के खिलाफ फूटा गुस्सा

शव हाथ में आते ही परिजन और सैकड़ों की संख्या में मौजूद अन्य डिलीवरी बॉयज सीधे जेप्टो के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पहुंच गए और वहां धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे युवकों का कहना है कि ये कंपनियां अपनी चमक-दमक भरी मार्केटिंग में बड़े-बड़े दावे करती हैं। जॉइनिंग के समय हर डिलीवरी पार्टनर को भरोसा दिया जाता है कि ड्यूटी के दौरान अनहोनी होने पर 10 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance) मिलेगा।

मृतक के परिवार का आरोप है कि जब वे इस त्रासदी के बाद कंपनी के पास पहुंचे, तो बीमा राशि देने के बजाय उन्हें महज 25 हजार रुपये की फौरी सहायता देकर शांत रहने को कह दिया गया। इस बर्ताव से भड़के साथियों ने अब मांग की है कि पीड़ित परिवार को तुरंत 15 लाख रुपये की नकद सहायता और आश्रित को रोजगार दिया जाए। डिलीवरी बॉयज का कहना है कि दिन-रात जान जोखिम में डालकर कंपनियों की तिजोरियां भरने वाले इन कामगारों की जिंदगी की कीमत क्या इतनी सस्ती है? समाचार लिखे जाने तक डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर पर तनाव बना हुआ था और पुलिस दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव की कोशिशों में जुटी थी।

You may also like:

Please Login to comment in the post!