Jhajjar Flipkart Warehouse Protest: झज्जर में फ्लिपकार्ट के 2000 कर्मचारियों का हल्लाबोल, सैलरी कटौती पर गेट जाम
Jun 14, 2026 5:52 PM
झज्जर। हरियाणा के झज्जर का याकूबपुर इलाका रविवार को अचानक मजदूरों के भारी विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया। देश की बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के लॉजिस्टिक्स वेयरहाउस में काम करने वाले करीब दो हजार से ज्यादा एसोसिएट और संविदा कर्मचारी कंपनी की 'दमनकारी नीतियों' के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। हालात इस कदर तनावपूर्ण हो गए कि शनिवार से शुरू हुआ धरना रविवार को भी जारी रहा और कर्मचारियों ने कंपनी के मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान जब भारी पुलिस बल आंदोलनकारी मजदूरों को समझाने पहुंचा, तो कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी और भगदड़ जैसा माहौल भी बन गया।
'नाइट शिफ्ट' के पैसे घटे, पद घटाया; मजदूरों ने बयां किया अपना दर्द
आंदोलन की अगुवाई कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके वेतन ढांचे में कैंची चला दी है। वर्करों ने बताया कि नाइट शिफ्ट में काम करने वालों की मासिक सैलरी को सीधे 18 हजार रुपये से घटाकर 13 हजार रुपये कर दिया गया है। यही नहीं, पहले जो नाइट अलाउंस (रात्रिकालीन भत्ता) 120 रुपये मिलता था, उसे भी कम करके 70 रुपये कर दिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में पांच हजार रुपये की सीधी कटौती उनके पेट पर लात मारने जैसी है। इसके अलावा, कई पुराने कर्मचारियों के पदों (डेजिग्नेशन) को डिमोट कर दिया गया है, जिससे उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है।
13-14 जून के बोनस से लेकर 'मिस-पंच' तक, ये हैं मुख्य मांगें
मजदूरों ने अपनी बहाली और अधिकारों को लेकर कंपनी के सामने एक मांग पत्र रखा है, जिसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल हैं:
नौकरी की सुरक्षा: किसी भी कर्मचारी का कॉन्ट्रैक्ट कम से कम एक साल का हो और उसे बीच में बिना ठोस कारण के न निकाला जाए।
मिस-पंच की राहत: वेयरहाउस में बायोमेट्रिक हाजिरी के दौरान तकनीकी खराबी या 'मिस-पंच' होने पर उस दिन की सैलरी काटने का नियम बंद हो।
दिहाड़ी और बोनस: एक दिन का वेतन 783 रुपये तय किया जाए। साथ ही 13 और 14 जून को प्रदर्शन के दिनों का भी लीव व अटेंडेंस बोनस दिया जाए।
दमनकारी कार्रवाई पर रोक: विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसी भी कर्मचारी को सस्पेंड या ब्लैकलिस्ट न किया जाए।
मारपीट के आरोपों के बीच पुलिस ने संभाली कमान, अधिकांश मांगों पर बनी सहमति
आंदोलन के बीच उस वक्त तनाव और बढ़ गया जब कुछ वर्करों ने आरोप लगाया कि उनके दो साथियों के साथ धरना खत्म कराने के नाम पर अंदर ले जाकर मारपीट की गई है और नौकरी से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं।
हालांकि, मौके पर मौजूद झज्जर सदर थाना प्रभारी परमजीत ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। थाना प्रभारी ने बताया, "पुलिस ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया है। वर्करों और फ्लिपकार्ट प्रबंधन के बीच बैठक कराई गई है, जिसमें अधिकांश जायज मांगों पर सहमति बन गई है।" एहतियात के तौर पर कंपनी के गेट और याकूबपुर औद्योगिक क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा कानून-व्यवस्था न बिगड़े।